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17 जून 2010

बीएलएड प्रवेश परीक्षा सोच व समझ की परख होगी

बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन में दाखिले की प्रवेश परीक्षा छात्रों की सोच व समझ की परख करता है। परीक्षा का पैटर्न कुछ ऐसा ही तैयार किया गया है कि यह काम लिखित परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक चलता है। एक अध्यापक बनने के लिए यह जरूरी है कि आप किसी मुद्दे के बारे में क्या सोचते हैं और किसी विषय को समझाने की कला आती है या नहीं। प्रवेश परीक्षा 19 जून को है।

लिखित परीक्षा की रूपरेखा और तैयारी

प्रवेश परीक्षा का पहला चरण लिखित परीक्षा का है। दो घंटे 20 मिनट का यह पेपर दो भागों में बंटा है। पहले भाग में अंग्रेजी और हिन्दी का कॉम्प्रीहेंशन होगा। इसमें प्रश्न और उसके बहुविकल्पी उत्तर होंगे। इसे अच्छी तरह पढ़ कर समझने के बाद सही उत्तर चुनना होगा। अगर एक बार में समझ में नहीं आए तो दोबारा ध्यान से पढ़ें और फिर नीचे दिए गये प्रश्नों का उत्तर तलाशें। कॉम्प्रीहेंशन चालीस मिनट और तीस अंक का है। कॉम्प्रीहेंशन के बाद गणितीय सोच और तार्किक ज्ञान से संबंधित प्रश्न होंगे। यह ज्यादा कठिन नहीं होता। जरूरत है इसे तार्किक आधार पर समझने की और इसके आधार पर नीचे दिए गये विभिन्न उत्तरों में सही उत्तर चुनने की। रीजनिंग की स्तरीय गाइड से प्रैक्टिस इसकी तैयारी के लिए काफी मददगार है। गणित से जुड़े प्रश्न के बारे में भी यही रणनीति अपनानी होगी। रीजनिंग और गणित से जुड़े सवाल अंग्रेजी और हिन्दी दोनों माध्यमों में रहेंगे। अगर अंग्रेजी माध्यम में सवाल समझने में दिक्कत आ रही है तो इसका हिन्दी अनुवाद देख लें। इसके विपरीत अगर कहीं हिन्दी माध्यम में सवाल समझ में नहीं आ रहा है तो उसका अंग्रेजी में रूपांतरण देख लें। दोनों प्रश्न दसवीं स्तर के ही होते हैं। इसके बाद प्रश्नपत्र में विषय ज्ञान की परख करने के लिए कई सवाल पूछे जाएंगे। इसमें छात्रों को दसवीं स्तर के विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रश्नों के नीचे दिए गये उत्तर में से सही उत्तर का चुनाव करना होगा।

इस भाग की तैयारी के लिए बेहतर होगा कि एनसीईआरटी की टेक्स्ट बुक की मदद लें। नौंवीं, दसवीं की टेक्स्ट बुक इस सिलसिले में काफी मददगार होगी। अगर पूरा टेक्स्ट पढ़ना संभव नहीं है तो उसके महत्त्वपूर्ण भाग को सरसरी निगाह से जरूर देख लें। यह भाग 50 मिनट और 40 अंक का है।

आखिर में दस मिनट का एक और भाग है, जिसमें छात्रों की लेखन क्षमता की परख की जाती है। किसी टॉपिक पर एक पैराग्राफ लिखने को दिया जाएगा, जैसे एकता में बल है। इस विषय में छात्रों को एक संतुलित और सटीक पैराग्राफ लिखना होगा। इस तरह के सवाल का मकसद छात्रों के लिखने की कला और अभिव्यक्ति की क्षमता की परख करना होता है।

साक्षात्कार का चरण

लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए बुलाया जाता है। साक्षात्कार में आमतौर पर विशेषज्ञ विषय की बेसिक जानकारी की परख करते हैं। इसमें बोलने की क्षमता और बच्चों के बारे में और सामाजिक विषयों पर उम्मीदवार की समझ को भी देखा जाता है। शिक्षक बनने के इच्छुक छात्रों में आलोचनात्मक दृष्टि है या नहीं, सामान्य जागरूकता और पढ़ने की रुचि की परख करता है। एक सफल अध्यापक बनने के लिए ये चीजें जरूरी हैं। ऐसे में उम्मीदवार को साक्षात्कार में आत्मविश्वास का परिचय देते हुए सीधे-सीधे जवाब देना चाहिए।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

शिक्षा संकाय की डीन प्रो. अनिता रामपाल कहती हैं, परीक्षा का पैटर्न कुछ ऐसा है कि कोचिंग मददगार साबित नहीं होती। इसमें छात्रों की समझ और सोच की परख होती है। प्रश्नों का स्तर दसवीं स्तर तक का है। तैयारी के लिए बेहतर है कि पिछले साल के सैम्पल को छात्र देखें। सैम्पल पेपर सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध है।(प्रियंका कुमारी,Nai Dishayen,16.6.2010)

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