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20 जुलाई 2010

डीयू में आज हो सकता है सेमेस्टर के 'टाइम' का फैसला

दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में इस बार टाइम टेबल को लेकर पेंच फंस गया है। बुधवार से शुरू हो रहे सत्र में साइंस के कोर्सेज में पुराने पाठ्यक्रम के हिसाब से टाइम टेबल चलेगा या नए के हिसाब से अभी तय नहीं हो पाया है। कॉलेज शिक्षक पुराने पाठ्यक्रम को विधिसंगत मानकर उसी के हिसाब से बनाए गए टाइमटेबल बनाने की बात कह रहे हैं। वहीं प्रशासन सेमेस्टर के हिसाब से टाइम टेबल को अमल में लाने की तैयारी कर रहा है। सेमेस्टर का सिक्का चलेगा या शिक्षकों का यह मंगलवार की अदालती फैसले पर टिका है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में सैक़ड़ों शिक्षक साइंस में सेमेस्टर सिस्टम मनमाने तरीके से लागू करने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने कायदे कानून को ताक पर रखकर सेमेस्टर को थोपा है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कुलपति की मनमानी के खिलाफ शिक्षक लंबे अरसे से आंदोलनरत हैं। कॉलेज खुलने को है और टाइम टेबल भी तैयार कर लिया गया है। लेकिन साइंस के कोर्सेज में टाइम टेबल पुराने सिस्टम के हिसाब से होगा या सेमेस्टर के हिसाब से यह स्पष्ट नहीं है। शिक्षकों की मानें तो कॉलेज में टाइम टेबल कमेटी ने पुराने पाठ्यक्रम के हिसाब से ही तैयार किया है, सेमेस्टर के हिसाब से नहीं। पुराना सिस्टम वैधानिक है इसलिए ऐसा किया गया है। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को साइंस में सेमेस्टर लागू करने का निर्देश दे दिया है इसलिए नया टाइम टेबल भी रखना जरूरी है। कॉलेज प्राचार्य को इसके लिए टाइम टेबल कमेटी पर निर्भर करना प़ड़ रहा है। राजधानी कॉलेज की प्राचार्य विजयलक्ष्मी पंडित ने बताया कि कमेटी ने टाइम टेबल तैयार कर लिया है। लेकिन सेमेस्टर के हिसाब से किया है या पुराने के हिसाब से यह बताया नहीं गया है। रामजस कॉलेज के प्राचार्य राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि संस्थान में इस बाबत बनी कमेटी बुधवार को ही टाइम टेबल देगी। रामलाल आनंद कॉलेज के प्राचार्य विजय शर्मा ने बताया कि यह ब़ड़ा मुद्दा नहीं है। आर्ट्स और कॉमर्स में टाइम टेबल तैयार है। साइंस में भी इसके लिए ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी प़ड़ेगी।

कॉलेजों में इस तरह ऊहापोह की स्थिति में ज्यादातर शिक्षकों व प्राचार्यों को अदालत के फैसले का इंतजार है। सेमेस्टर के मुद्दे पर चल रही ल़ड़ाई में अदालत में २० जुलाई को सुनवाई है। शिक्षकों को उम्मीद है कि कुछ न कुछ निर्णय जरूर होगा।

अदालत में मामला होने के कारण सेमेस्टर और अन्य मुद्दे पर सोमवार को शिक्षकों की आमसभा में आंदोलन के लिए कोई एक्शन प्रोग्राम तैयार नहीं किया गया। इस बारे में निर्णय लेने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया(नई दुनिया,दिल्ली,20.7.2010)।

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