दिल्ली नगर निगम के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग दस लाख बच्चे पढ़ाई करते हैं। लेकिन, इन विद्यालयों में अध्यापकों के पांच हजार पद रिक्त पड़े हुए हैं। यह खुलासा पीएसकेबी शिक्षक यूनियन के द्वारा किए गए सर्वे में किया गया है।
सर्वे से प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम के विद्यालयों में नर्सरी अध्यापिकाओं के लगभग 1600 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से मात्र 381 पदों को भरने के लिए ही दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा विज्ञापन जारी किया गया है। इसके अलावा इन विद्यालयों में प्रिंसिपल के 1743 पदों में से लगभग 50 पद रिक्त हैं। निगम के विद्यालयों में विद्यालय निरीक्षक (अल्पाहार) के 12 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से तीन पद रिक्त हैं।
विद्यालय निरीक्षक (सामान्य) के 66 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से लगभग 23 पद रिक्त हैं। विद्यालय निरीक्षक (कला) के स्वीकृत पदों में से दोनों रिक्त हैं। विद्यालय निरीक्षक (संगीत) के 2 स्वीकृत पदों में से एक पद रिक्त हैं। विद्यालय निरीक्षक (नर्सरी) के 12 पदों में से 9 पद रिक्त हैं। विद्यालय निरीक्षक (विज्ञान) के 13 पदों में से सभी पद रिक्त हैं। विद्यालय निरीक्षक (शारीरिक) के 24 पदों में से 10 पद रिक्त हैं और इसके अलावा उपस्थिति अधिकारियों के कुल 11 पदों में से सभी पद रिक्त हैं।सहायक शिक्षा अधिकारी (शारीरिक) के 13 पदों में सात पद रिक्त हैं। सहायक शिक्षा अधिकारी (सामान्य) के 14 पदों में से 4 पद रिक्त हैं।
सहायक शिक्षा अधिकारी (विज्ञान) के 7 पदों में से 4 पद रिक्त और एक पद 31 अगस्त को रिक्त हो जाएगा। उपशिक्षा अधिकारी के 17 पदों में से लगभग 5 पद रिक्त हैं और अतिरिक्त शिक्षा निदेशक के 3 पदों में से एक पद रिक्त हैं। पीएसकेबी शिक्षक यूनियन के अध्यक्ष पीएस रामकिशन पूनिया का कहना है कि दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की उदासीनता की वजह से इन पदों को नहीं भरा जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भी हजारों पद रिक्त पड़े हुए हैं(दैनिक भास्कर,दिल्ली,19.7.2010)।
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