पंजाब में सात लोगों को गिरफ्तार कर फर्जी डिग्री से जुड़े दो गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि पटियाला जिले के राजपुरा शहर में देर शनिवार को 'पंजाब टेक्नीकल युनिवर्सिटी' (पीटीयू) जालंधर की फर्जी डिग्री देते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पटियाला के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनकी पहचान मनप्रीत सिंह और तरनजीत सिंह के रूप में की गई है। दोनों इंजीनियरिंग और अन्य विषयों की स्नातक और स्नातकोत्तर की फर्जी डिग्री का गोरखधंधा करते थे। इनके तार हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक जुड़े हुए थे। पुलिस ने बताया कि मनप्रीत और तरनजीत के पास से फर्जी दस्तावेज, लेटरहेड और मोहरें बरामद की गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश अग्रवाल ने बताया कि हमें पहली शिकायत धीरज कुमार से मिली। धीरज ने बताया था कि उसने आईईएलटीएस के प्रमाण पत्र के लिए 1.5 लाख रुपये दिए थे। उनके गिरोह में कमलजीत सिंह है जिसे अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान है। वह फर्जी नाम से परीक्षा में बैठता और अच्छे अंक हासिल करता है। उन्होंने बताया कि बाद में स्कैनर के द्वारा उस प्रमाण पत्र पर धीरज का फोटो लगा दिया था। ब्रिटिश उच्चायोग ने उस प्रमाण पत्र को खारिज कर दिया। इसके बाद हमने पांच लोगों का गिरफ्तार किया और गिरोह के मुख्य सरगना का पता लगाने के लिए एक टीम को जालंधर भेजा गया है(हिंदुस्तान,चंडीगढ़,25.7.2010)।
दूसरा मामला होशियारपुर शहर का है। जहां 'इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम' (आईईएलटीएस) का फर्जी प्रमाण पत्र बांटते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य समाचारः
26 जुलाई 2010
पंजाब में फर्जी डिग्री गिरोहों का पर्दाफाश
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