दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्र्वविद्यालय में रिसर्च स्कालर एसोसिएशन यूनिवर्सिटी आफ गोरखपुर का गठन किया जाएगा। एसोसिएशन गठन हेतु प्रथम बैठक मंगलवार को अपराह्न 1 बजे विश्र्वविद्यालय के कला संकाय भवन के कक्ष संख्या 144 में होगी। विश्र्वविद्यालय के शोधार्थियों ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में गोरखपुर विश्र्वविद्यालय का प्रत्येक शोधार्थी विविध शोध सम्बंधी समस्याओं से ग्रसित है। विश्र्वविद्यालय प्रशासन शोधार्थियों के हितों के प्रति उदासीन है। शोध सम्बंधी समस्याओं का निराकरण न होने की प्रमुख वजह शोधार्थियों में किसी प्रकार के संगठनात्मक मंच का अभाव है, जिसके चलते समस्याओं का प्रभावी हल नहीं निकल पा रहा है। शोधार्थियों की नौ प्रमुख मांगें हैं, जिनमें शोध कार्य के सन्दर्भ में देश के विभिन्न भागों में यात्रा के लिए रेलवे में रियायत फार्म एवं तत्सम्बंधी व्यवस्था की जाय। शोध-सन्दर्भ ग्रंथालय को नियमित रूप से प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक लगातार खोले रखने की व्यवस्था हो। ग्रंथालय में इन्टरनेट सुविधा को नियमित किया जाय। ग्रंथालय में फोटोकाफी की व्यवस्था सुनिश्चित हो। ग्रंथालय के पुस्तकों की कैटलागिंग की जाय। ग्रंथालय के पुस्तकों की विषयानुसार रैकिंग, सफाई एवं प्रकाश की उचित व्यवस्था की जाय। सभी विभागीय ग्रंथालयों को शोध छात्र-छात्राओं के लिए खोला जाय। शोधार्थियों को सरकार, विश्र्वविद्यालय, यूजीसी द्वारा प्रदत्त सुविधाओं की विवरणिका जारी की जाय और शोध छात्रावासियों से सम्बंधित समस्याओं का समाधान किया जाय(दैनिक जागरण,गोरखपुर,26.7.2010)।
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