लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरत को समझते हुए पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट ने अब विस्तार की तैयारी पूरी कर ली है। अगले पांच साल के लिए रोडमैप तैयार हो चुका है। इसी हिसाब से पेक के मौजूदा ढांचे में 50 फीसदी विस्तार का लक्ष्य तय किया गया है। विस्तार योजना के तहत एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के साथ सीटों की संख्या बढ़ाते हुए नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। पेक मैनेजमेंट विस्तार पर आने वाले खर्च के लिए जल्द ही चंडीगढ़ प्रशासन को बजट प्रस्ताव सौंपने जा रहा है।
दो दशक से इंतजार
पेक कैंपस का विस्तार पिछले करीब दो दशकों से लटका हुआ है। नए कोर्स शुरू होने के बाद भी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बढ़ पाया। विस्तार योजना में अब पांच साल में पेक की सूरत बदलने की उम्मीद है। यह विस्तार एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर केंद्रित होगा। साथ ही सीटों की मौजूदा संख्या में भी 50 फीसदी इजाफा होगा।
नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्यों में
पेक डायरेक्टर डॉ. मनोज दत्ता कहते हैं कि मौजूदा सीटों की संख्या में बढ़ोतरी से नॉर्दन रीजन के स्टूडेंट्स को देश के दूसरे हिस्सों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कुछ नए कोर्स भी शुरू होंगे। मास्टर डिग्री में नए कोर्स शुरू करने को प्राथमिकता दी जाएगी। नए एकेडमिक ब्लॉक और हॉस्टल भी बनाए जाएंगे। इसी प्रस्ताव के तहत सिनर्जी सेंटर भी डेवलप किया जाएगा। इसमें इंडस्ट्री से जुड़े और दूसरे संयुक्त प्रोग्राम शुरू होंगे। इसके तहत होने वाली रिसर्च और नए प्रोजेक्ट इसी सेंटर पर तैयार होंगे। इस प्लान का ब्ल्यू पिंट्र तैयार है।
चुनौती सामने है
डॉ. दत्ता कहते हैं कि मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अब नए कोर्स और ज्यादा स्टूडेंट्स को अकोमोडेट करने की चुनौती है। सीटें और कोर्स बढ़ें तो इंफ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ाना पड़ेगा। इसी वजह से ओवरऑल एक्सपेंशन का निर्णय लिया गया है। इसके खर्च को उठाने में चंडीगढ़ प्रशासन से मदद ली जाएगी(अधीर रोहाल,दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,19.7.2010)।
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