केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में इस सत्र से पढाई की स्टाइल बदल जाएगी। पिछली बार तक 9वीं व 10वीं कक्षा में जिस पैटर्न पर पढाई होती थी अब पूरी तरह से परिवर्तित हो जाएगी। दोनों कक्षाओं में इस बार से सीसीए (कन्टीन्यूअस एण्ड कॉम्प्रिहैंसिव इवेल्युवेशन) पद्धति पर अध्ययन और मूल्यांकन होगा। इस पद्धति को लेकर कोटा के विद्यालयों में भी दिशा निर्देशों की पालना शुरू कर दी गई है। इससे पहले सालभर पढाई होती थी और वार्षिक परीक्षाएं होती थी, लेकिन अब साल में दो बार परीक्षाएं होंगी।
ऎसे होगी पढाई
अध्यापन कार्य दो सत्रों में विभाजित होगा। पहला सत्र अप्रेल से सितम्बर तक का होगा।जिसमें दो प्रायोगिक आधार पर परीक्षाएं फार्मेटिव असेसमेंट होंगी, जिन्हें एफ ए-1 व एफ ए-2 नाम दिया गया है। वहीं लिखित परीक्षा सबमिटिव असेसमेंट होगी, जिसका प्रश्नपत्र सीबीएसई से तैयार होकर आएगा। इस सत्र में पाठ्यक्रम की 40 प्रतिशत पढाई करवाई जाएगी। इसी पाठ्यक्रम में से परीक्षा होगी। परीक्षा सितम्बर माह में होगी। दूसरा सत्र अक्टूबर से मार्च तक का होगा। जिसमें फार्मेटिव असेसमेंट 1 व 2 के साथ-साथ सवमिटिव असेसमेंट-2 होगा। इस सत्र में 60 प्रतिशत अध्यापन करवाया जाएगा। इसकी परीक्षा मार्च माह में होगी।
ऎसे होगा मूल्यांकन
फार्मेटिव असेसमेंट के लिए प्रत्येक विद्यालय के तीन शिक्षकों को निर्धारित किया जाएगा, जो प्रत्येक विद्यार्थी का मूल्यांकन करेंगे। यह मूल्यांकन करीब 50 बिंदुओं पर आधारित होगा। जिसमें विद्यार्थी की सोचने की क्षमता, सामाजिक सरोकारों के प्रति जुडाव, रचनात्मकता को आधार बनाया जाएगा। इसके अलावा एप्टीट्यूड एण्ड वैल्यू, स्कूल व शिक्षकों के प्रति व्यवहार, स्कूल गतिविधियों में सक्रियता और सामान्य व्यवहार भी देखा जाएगा।
प्रोजेक्ट वर्क भी होगा
मूल्यांकन में प्रोजेक्ट वर्क भी शामिल किया जाएगा। फार्मेटिव असेसमेंट में आने वाले इस प्रोजेक्ट वर्क के भी करीब 50 बिन्दु होंगे। जिसमें विद्यार्थी को टॉपिक्स दिए जाएंगे। ये टॉपिक्स लाइफ स्टाइल, लाइफ साइकिल, जैव प्रक्रियाएं, रचनात्मक प्रक्रियाओं के साथ-साथ परफोरमिंग आर्ट और शारीरिक शिक्षा से जुडे होंगे।
अंकतालिका जाएगी सीबीएसई
9वीं व 10वीं के परीक्षा स्कूलों को परिणाम तैयार करने होंगे। सीबीएसई की ओर से रिक्त अंकतालिकाएं भेजी जाएगी, जिन्हें भरकर विद्यालय पुन: सीबीएसई भेजेंगे। सीबीएसई इन अंकतालिकाओं को प्रमाणित कर पुन: विद्यालयों को भेजेगी।
निगरानी भी होगी
सीबीएसई की ओर से लागू किए गए नए सिस्टम का कितना अनुसरण किया जा रहा है इसकी निगरानी भी होगी। सीबीएसई की ओर से शहर के लॉरेन्स एण्ड मेयो, सर पदमपत सिंघानिया, मॉडर्न, सेंट जोंस और सेंट पॉल्स स्कूल को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। जिन्हें 7 से 9 विद्यालय तक दिए गए हैं। इन विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट साल में दो बार भेजी जाएगी।
(राजस्थान पत्रिका,कोटा,5.7.2010)
ऎसे होगी पढाई
अध्यापन कार्य दो सत्रों में विभाजित होगा। पहला सत्र अप्रेल से सितम्बर तक का होगा।जिसमें दो प्रायोगिक आधार पर परीक्षाएं फार्मेटिव असेसमेंट होंगी, जिन्हें एफ ए-1 व एफ ए-2 नाम दिया गया है। वहीं लिखित परीक्षा सबमिटिव असेसमेंट होगी, जिसका प्रश्नपत्र सीबीएसई से तैयार होकर आएगा। इस सत्र में पाठ्यक्रम की 40 प्रतिशत पढाई करवाई जाएगी। इसी पाठ्यक्रम में से परीक्षा होगी। परीक्षा सितम्बर माह में होगी। दूसरा सत्र अक्टूबर से मार्च तक का होगा। जिसमें फार्मेटिव असेसमेंट 1 व 2 के साथ-साथ सवमिटिव असेसमेंट-2 होगा। इस सत्र में 60 प्रतिशत अध्यापन करवाया जाएगा। इसकी परीक्षा मार्च माह में होगी।
ऎसे होगा मूल्यांकन
फार्मेटिव असेसमेंट के लिए प्रत्येक विद्यालय के तीन शिक्षकों को निर्धारित किया जाएगा, जो प्रत्येक विद्यार्थी का मूल्यांकन करेंगे। यह मूल्यांकन करीब 50 बिंदुओं पर आधारित होगा। जिसमें विद्यार्थी की सोचने की क्षमता, सामाजिक सरोकारों के प्रति जुडाव, रचनात्मकता को आधार बनाया जाएगा। इसके अलावा एप्टीट्यूड एण्ड वैल्यू, स्कूल व शिक्षकों के प्रति व्यवहार, स्कूल गतिविधियों में सक्रियता और सामान्य व्यवहार भी देखा जाएगा।
प्रोजेक्ट वर्क भी होगा
मूल्यांकन में प्रोजेक्ट वर्क भी शामिल किया जाएगा। फार्मेटिव असेसमेंट में आने वाले इस प्रोजेक्ट वर्क के भी करीब 50 बिन्दु होंगे। जिसमें विद्यार्थी को टॉपिक्स दिए जाएंगे। ये टॉपिक्स लाइफ स्टाइल, लाइफ साइकिल, जैव प्रक्रियाएं, रचनात्मक प्रक्रियाओं के साथ-साथ परफोरमिंग आर्ट और शारीरिक शिक्षा से जुडे होंगे।
अंकतालिका जाएगी सीबीएसई
9वीं व 10वीं के परीक्षा स्कूलों को परिणाम तैयार करने होंगे। सीबीएसई की ओर से रिक्त अंकतालिकाएं भेजी जाएगी, जिन्हें भरकर विद्यालय पुन: सीबीएसई भेजेंगे। सीबीएसई इन अंकतालिकाओं को प्रमाणित कर पुन: विद्यालयों को भेजेगी।
निगरानी भी होगी
सीबीएसई की ओर से लागू किए गए नए सिस्टम का कितना अनुसरण किया जा रहा है इसकी निगरानी भी होगी। सीबीएसई की ओर से शहर के लॉरेन्स एण्ड मेयो, सर पदमपत सिंघानिया, मॉडर्न, सेंट जोंस और सेंट पॉल्स स्कूल को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। जिन्हें 7 से 9 विद्यालय तक दिए गए हैं। इन विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट साल में दो बार भेजी जाएगी।
(राजस्थान पत्रिका,कोटा,5.7.2010)
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