कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज की प्राचार्य पूनम वर्मा ने बताया कि कोर्स को 12 जुलाई से शुरू कर दिया जाएगा और इसको पूरी तरह से मार्केट के हिसाब से बनाया गया है। इस सर्टिफिकेट कोर्स में बारहवीं के बाद कोई भी छात्र दाखिला ले सकते हैं। शर्त ये है कि बारहवीं में उसके 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। 12 जुलाई से शुरू होने वाले कोर्स के दाखिले हो चुके हैं और अक्तूबर-नवंबर से शुरू होने वाले कोर्स के लिए दाखिले बाद में किए जाएंगे।
कोर्स पूरा करने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और दिल्ली विश्वविद्यालय का ज्वाइंट सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। कोर्स में ट्रेडिंग सिस्टम, फाइनेंशियल मार्केट के बारे में, स्टॉक मार्केट के कामकाज, टेक्निकल एनालिसिस, फंडामेंटल एनालिसिस आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरू विश्वविद्यालय के साथ करार कर इस तरह के सर्टिफिकेट कोर्स चला चुका है।
यह सर्टिफिकेट कोर्स 100 घंटे का होगा, यानी इसे पूरा होने में करीब तीन से चार महीने लग जाएंगे। 100 घंटे के इस कोर्स में 80 घंटे की थ्योरी क्लास होगी और 20 घंटे का प्रैक्टिकल होगा।
इस कोर्स की मिड टर्म परीक्षाएं कॉलेज में कराई जाएंगी और फाइनल परीक्षा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा ऑनलाइन ली जाएगी। प्रमुख बात ये है कि इस कोर्स में दिल्ली विश्वविद्यालय से बाहर के छात्र भी दाखिला ले सकते हैं।
कक्षाएं शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज में लगेंगी। कोर्स की फीस 15 हजार रुपए होगी। इस सर्टिफिकेट कोर्स के बाद छात्र ट्रेजरी मैनेजमेंट फर्म, स्टॉक ब्रोकिंग फर्म, वेल्थ मैनेजमेंट फर्म, पोर्टफोलियो मैनेजर के रूप में काम कर सकेंगे(हिंदुस्तान,दिल्ली,3.7.2010)।
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