छत्तीसगढ़ के राज्य बनने के दस साल बाद भी आयोग केवल तीन बार ही सिविल सेवाओं के लिए परीक्षा आयोजित कर पाया है। 2003, 2005 और 2009 में आयोजित तीनों ही परीक्षा विवादों के घेरे में रही है। 2009 परीक्षा का मामला अभी भी हाईकोर्ट में अटका हुआ है।
सभी परीक्षा विवादित होने के कारण ही सालों से शासकीय विभागों में रिक्त पदों की संख्या बढ़ रही है। गौरतलब है कि लगभग चार माह पहले भी आयोग ने शासकीय विभागों से रिक्त पदों की सूची मंगाई थी, लेकिन अब तक किसी भी विभाग ने सूची नहीं भेजी।
इससे नाराज होकर ही आयोग के सचिव जेवियर तिग्गा ने सभी विभागों को कड़ा पत्र लिखकर 15 जुलाई तक रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। सचिव की माने तो रिक्त पदों के लिए विभागों को कई बार रिमाइंडर पत्र भी भेजा जा चुका है, इसके बावजूद विभागों से जानकारी नहीं पहुंची।
आयोग के अधिकारियों के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, डीएसपी और राजस्व विभाग में नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित होगी। फिलहाल शासन ने डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी के दो-दो दर्जन खाली पदों की जानकारी दी है।
इनकी संख्या और बढ़ सकती है। अधिकारियों की माने तो कोर्ट में मामला जाने की वजह से हर बार परीक्षा आयोजित करने में लेट लतीफी हो रही है। इससे छात्रों का नुकसान तो हो ही रहा था, आयोग की छवि भी खराब हो रही है। इसके ठीक विपरीत पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में लगातार पीएससी की परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में प्रदेश के छात्र मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
15 जुलाई तक सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मंगाई गई है। इसके आधार पर ही सिविल सेवाओं की परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी
किया जाएगा।
जेवियर तिग्गा, सचिव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग(दैनिक भास्कर,रायपुर,4.7.2010)
सभी परीक्षा विवादित होने के कारण ही सालों से शासकीय विभागों में रिक्त पदों की संख्या बढ़ रही है। गौरतलब है कि लगभग चार माह पहले भी आयोग ने शासकीय विभागों से रिक्त पदों की सूची मंगाई थी, लेकिन अब तक किसी भी विभाग ने सूची नहीं भेजी।
इससे नाराज होकर ही आयोग के सचिव जेवियर तिग्गा ने सभी विभागों को कड़ा पत्र लिखकर 15 जुलाई तक रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। सचिव की माने तो रिक्त पदों के लिए विभागों को कई बार रिमाइंडर पत्र भी भेजा जा चुका है, इसके बावजूद विभागों से जानकारी नहीं पहुंची।
आयोग के अधिकारियों के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, डीएसपी और राजस्व विभाग में नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित होगी। फिलहाल शासन ने डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी के दो-दो दर्जन खाली पदों की जानकारी दी है।
इनकी संख्या और बढ़ सकती है। अधिकारियों की माने तो कोर्ट में मामला जाने की वजह से हर बार परीक्षा आयोजित करने में लेट लतीफी हो रही है। इससे छात्रों का नुकसान तो हो ही रहा था, आयोग की छवि भी खराब हो रही है। इसके ठीक विपरीत पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में लगातार पीएससी की परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में प्रदेश के छात्र मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
15 जुलाई तक सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मंगाई गई है। इसके आधार पर ही सिविल सेवाओं की परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी
किया जाएगा।
जेवियर तिग्गा, सचिव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग(दैनिक भास्कर,रायपुर,4.7.2010)
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