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05 जुलाई 2010

बिलासपुर के सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 20-30 सीटों पर सिर्फ 2-4 अर्जियां

सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने के बावजूद कई विभाग इस शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों के लिए तरस रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति विभिन्न विभागों में संचालित 5 वर्षीय यूजीपीजी पाठ्यक्रमांे की है। कई विभाग तो ऐसे हैं, जहां प्रवेश के लिए 1 या 2 विद्यार्थियों ने ही आवेदन दिया है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुछ चुनिंदा विभागों को छोड़कर शेष विभागों में इस वर्ष निर्धारित सीटों के लिए विद्यार्थियों की कमी है। यूनिवर्सिटी में सभी संकायों के मास्टर डिग्री कोर्स में 20 व अंडर ग्रेज्युएशन व पोस्ट ग्रेज्युएशन (यूजीपीजी) पाठ्यक्रम के लिए 30 सीटें निर्धारित की गई हैं, लेकिन सेंट्रल यूनिवर्सिटी में हालात ऐसे हैं कि कई विभागों मंे एक या दो विद्यार्थियों ने ही प्रवेश के लिए आवेदन किया है।

एमलिब व पांच वर्षीय यूजीपीजी लाइब्रेरी साइंस पाठ्यक्रम में क्रमश: एक-एक विद्यार्थी ने आवेदन किया है। इसी तरह यूजीपीजी बॉटनी में 3, एमएससी जुलॉजी में 10, एमएससीआईटी में 7 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।

यूटीडी में संचालित सभी विभागों में प्रवेश के लिए आए आवेदनों में से प्रवेश देने के लिए सूची निकाली जा रही है। इसमें हिंदी, अर्थशास्त्र, राजनीति, इतिहास, बीपीएड, पत्रकारिता एवं जनसंचार, गणित, बीएससी जुलाजी, बॉटनी, फारेस्ट्री, बीपीएड आदि विभागों में मास्टर डिग्री की 20 सीटों व यूजीपीजी के 30 सीटों में 5 से 10 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश के लिए आवेदन किया है।

सीटों की अपेक्षा कम छात्रों द्वारा आवेदन करने के बाद भी इन विभागों में मेरिट सूची की औपचारिकता निभाई जा रही है। सच तो यह है कि इन पाठ्यक्रमों में आवेदन करने वाले सभी विद्यार्थियों को यहां प्रवेश मिल जाएगा। सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने के बावजूद यहां विद्यार्थियों द्वारा प्रवेश के लिए रुचि न दिखाना समझ से परे है।

कई पाठ्यक्रमों में नहीं ली गई थी प्रवेश परीक्षा: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 15 व 16 जून को प्रवेश परीक्षा आयोजित हुई थी। इसमें परीक्षा के कुछ दिन पहले ही यूजीपीजी, स्नातक व स्नातकोत्तर के करीब 32 पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन निरस्त कर दिए गए। इनमें तय सीटों में एडमिशन के लिए सिर्फ ५क् फीसदी छात्रों ने ही आवेदन किया था।

यूजीपीजी प्रोग्राम फेल

सबसे ज्यादा खराब स्थिति यूजीपीजी प्रोग्राम की है। यहां लगभग सभी विभागों में 5 वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। यूजीपीजी पाठच्यक्रमों में 12वीं पास विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश दिया जाता है।

इन पाठ्यक्रमांे में प्रवेश के बाद विद्यार्थी को स्नातक व स्नाकोत्तर की डिग्री मिलती है, लेकिन यहां लगभग सभी विभागों के यूजीपीजी कोर्स के लिए विद्यार्थियों ने खास रुचि नहीं दिखाई। हालात यह है कि लाइब्रेरी साइंस के यूजीपीजी में 1 व बॉटनी जैसे विषय में 3 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश के लिए आवेदन दिया है।

आवेदन अब 25 तक

कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली थी। विभागों में खाली सीटों को देखते यहां प्रवेश के लिए तिथि बढ़ाने की निर्णय लिया गया। अब 25 जुलाई तक विभिन्न पाठ्यक्रमों के खाली सीटों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी आवेदन जमा कर सकते हैं(दैनिक भास्कर,बिलासपुर,5.7.2010)।

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