एआईईईई की आनलाइन काउंसिलिंग के पहले चरण में बीटेक की सीटें काफी तादाद में रिक्त रहना तय है। यह आंकड़ा तकरीबन 3500 से ज्यादा हो सकता है। सोमवार को चौथे दिन काउंसिलिंग में 3812 विद्यार्थियों ने अपनी च्वाइस लॉक कर दी। सूबे में एआईईईई की मेरिट के आधार पर काउंसिलिंग का रुझान बीते साल की तरह है। इस वर्ष भी काफी संख्या में बीटेक की सीटें रिक्त रह सकती हैं। 28 इंजीनियरिंग कालेजों में बीटेक की 9768 सीटें हैं। एआईईईई की मेरिट के आधार पर आवेदकों के आगे नहीं आने के बाद इंटर के मेधावी छात्र-छात्राओं को दाखिला देने का विकल्प इस बार खुला रखा गया है। एनआईसी के तकनीकी निदेशक राजेश गोयल के मुताबिक पहले चरण की काउंसिलिंग के चौथे दिन सोमवार को बैंक में तकरीबन 6681 विद्यार्थी फीस जमा करा चुके हैं। अब तक 6334 छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन हुआ है। 5883 ने अपनी च्वाइस भरी तो लेकिन उसे लॉक नहीं किया। वहीं 3812 विद्यार्थियों ने च्वाइस लॉक कर दी। पहले चरण की काउंसिलिंग में अब एक दिन शेष है। च्वाइस भरने वालों 5883 विद्यार्थियों को सीटें आवंटित करने के बारे में तकनीकी शिक्षा महकमा आश्र्वस्त है। पांचवें व अंतिम दिन इस आंकड़े में और इजाफा हो सकता है। इजाफा नहीं होने की सूरत में भी च्वाइस भरने वालों का दावा पक्का समझा जा रहा है। छठे दिन 21 जुलाई को च्वाइस लॉक करने वालों को कालेज व कोर्स आवंटित किए जाएंगे। पहले चरण में बीटेक की 3883 सीटें रिक्त रह सकती हैं। काफी तादाद में रिक्त रहने वाली इन सीटों को दूसरी काउंसिलिंग में भरा जाएगा(दैनिक जागरण,देहरादून,20.7.2010)।
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