गुरु गोबिन्द सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग कोर्सेज में दाखिले के लिए इस बार खासी मारामारी होगी। संस्थान में इंजीनियरिंग की करीब हजार सीटें कम हो गई है। यहां चलने वाले कोर्स में दाखिले के लिए सोमवार से काउंसलिंग शुरू हो गई है।
विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष इंजीनियरिंग के विभिन्न कोर्सेज में ५४०० सीटें थी। लेकिन इस बार यह ४१०० रह गई है। यहां से जुड़े संस्थान महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की ५४० सीटों को एआईसीटीई की ओर से स्वीकृति नहीं मिली है। इसके अलावा एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी की ३०० सीटों की स्वीकृति का मामला भी अधर में है। एआईसीटीई ने इसे अभी तक हरी झंडी नहीं दी है। विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एक अन्य संस्थान महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट में भी इंजीनियरिंग की सीटें ३०० से घटकर १८० रह गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की अड़चनों के कारण कोर्स की सीटें काफी कम हो गई हैं। इसका नुकसान सीधे सीधे इंजीनियरिंग में दाखिले के इच्छुक छात्रों को उठाना पड़ेगा। संस्थान में इस बार करीब ७५ हजार छात्रों ने इंजीनियरिंग से जुड़े विभिन्न कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन किए हैं। इनके लिए सोमवार से काउंसलिंग भी शुरू हो गई है। पहले दिन रक्षा कोटे के छात्रों की काउंसलिंग थी। मंगलवार से सामान्य छात्रों की काउंसलिंग शुरू होगी।
उधर विश्वविद्यालय के द्वारका सेक्टर १६ स्थित नए कैंपस का उद्घाटन सोमवार को कर दिया गया। पूजन समारोह में कुलपति प्रो डीके बंदोपाध्याय ने हिस्सा लिया। इस मौके पर अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इस कैंपस में कई कोर्सेज की कक्षाएं २ अगस्त से लगेंगी(नई दुनिया,दिल्ली,27.7.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।