परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका में क्या लिखता है, कितना सही या गलत लिखता है। मेधावी छात्र कैसे पास होता है और डफर छात्र के फेल होन के कारण क्या रहते हैं, यह अब हर कोई देख सकेगा। वह भी उत्तर पुस्तिका देखकर।
अगले शिक्षा सत्र से माशिमं किसी भी छात्र की उत्तर पुस्तिका किसी को भी उपलब्ध करा देगा। इससे कॉपी जांचने वालों की निष्पक्षता भी पता चलेगी और छात्रों की वास्तविक स्थिति भी। अब तक शिक्षा मंडल उन्हीं छात्रों को उत्तर पुस्तिका भेजता था जिनकी होती है, लेकिन नई व्यवस्था में इसका फायदा हर वर्ग को मिलेगा। छात्र हित में यह जरूरी होने से यह प्लानिंग अगले सत्र से लागू हो जाएगी।
निर्धारित शुल्क पर मिलेगी छाया प्रति
उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति निर्धारित शुल्क मिलेगी। अभी जो छात्र अपनी कॉपी की डिमांड करते हैं, उनसे ६0 रुपए प्रति कॉपी के हिसाब से शुल्क लिया जाता है।
प्लानिंग तैयार, अगले सत्र से लागू
ञ्चउत्तर पुस्तिका सभी के हाथों में पहुंचाने की प्लानिंग तैयार है। मंडल ने स्वीकृति दे दी है। अगले सत्र से मेधावी छात्र की उत्तर पुस्तिका सभी देख सकेंगे।
ए.के. द्विवेदी, सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल
ये रहेंगे फायदे
> मेधावी छात्रों की उत्तर पुस्तिका से दूसरों को प्रेरणा मिलेगी, वे लिखने के पैटर्न को देखकर सुधार लाएंगे।
> उत्तर पुस्तिका की समीक्षा कई तरह से होगी।
> कॉपी जांचने वाले भी सतर्क रहेंगे।
> पढ़ाई के स्तर का पता चलेगा, बोर्ड की आय बढ़ेगी
इसलिए नुकसान
> मंडल पर काम का लोड बढ़ जाएगा।
> अनेक हाथों में उत्तर पुस्तिका जाने से शिकायतों का दौर चलेगा।
> उत्तर पुस्तिका के गलत उपयोग की संभावना बढ़ेगी।
> छात्र री टोटलिंग के बजाय रीवेल्यूएशन की मांग करेंगे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।