बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों को परचे हल करने के लिए 3 के बजाय सवा तीन घंटे का समय मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने उत्तर पुस्तिका भरने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा प्रश्नों के पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। परचे में वैकल्पिक प्रश्न भी शामिल किए जा रहे हैं।
हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षाओं में अब तक परीक्षार्थियों को तीन घंटे का समय मिलता रहा है। इतनी अवधि में छात्रों को उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर, विषय आदि भरने होते थे। परीक्षाओं में प्रश्नों के विभाजन के अनुसार ही समय तय रहता था।
इससे छात्रों को उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर आदि लिखने का अतिरिक्त दबाव रहता था। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने छात्रों को राहत देते हुए परचे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया है, यानी अब परीक्षा के समय से इतनी ही देर पहले प्रश्न पत्र और 5 मिनट पूर्व उत्तर पुस्तिकाएं बांटी जाएंगी। इस तरह परीक्षार्थी पूरे तीन घंटे का समय सिर्फ प्रश्नों के उत्तर लिखने में लगा सकेंगे। परीक्षा की प्रक्रिया और प्रश्न पत्रों में परिवर्तन के बारे में माशिमं सचिव ने आदेश जारी कर दिया है।
वैकल्पिक प्रश्न भी होंगे
बोर्ड इस बार प्रश्न पत्रों का स्वरूप भी बदलने जा रहा है। इस बार वस्तुनिष्ठ यानी वैकल्पिक प्रश्नों को भी शामिल किया जा रहा है, जिनपर 10 अंक हासिल होंगे। इनमें बहु विकल्प, खाली स्थान और जोड़ी बनाना शामिल रहेगा।
अलग-अलग सेट में कुछ प्रश्न होंगे समान
बोर्ड परीक्षा में अब तक अलग-अलग सेट में अलग-अलग प्रश्न होते थे, लेकिन अब इस पैटर्न में भी बदलाव लाया गया है। प्रश्न क्रमांक 4 से लेकर 6 तक के प्रश्न समान रहेंगे। इनके क्रमांक में परिवर्तन हो सकता है।
ऐसे होंगे प्रश्न पत्र
1. वस्तुनिष्ठ प्रश्न - 01 अंक (बहुविकल्पीय, रिक्त स्थान, जोड़ी बनाना)
2. अति लघु उत्तरीय प्रश्न- 02 अंक (अनुमानित प्रश्न संख्या- 05 से 08)
3. लघु उत्तरीय प्रश्न 03 अंक (अनुमानित प्रश्न संख्या- 04 से 06)
4. लघु उत्तरीय प्रश्न 04 अंक (अनुमानित प्रश्न संख्या -04 से 06)
5. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 05 अंक (अनुमानित प्रश्न संख्या -03 से 04 अंक)
6. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 06 अंक (अनुमानित प्रश्न संख्या -02)
अतिरक्त समय का फायदा
* अब तक तीन घंटे की परीक्षा होने से औपचारिकता पूरी करने की हड़बड़ाहट में छात्र गलत रोल नंबर या तारीख लिख देते थे। इससे रिजल्ट निकलने के दौरान उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अतिरिक्त समय मिलने से यह परेशानी नहीं होगी।
* समय की कमी के कारण इन औपचारिकताओं को पूरा करने का दबाव रहता था। अतिरिक्त समय मिलने के बाद उनका तनाव कम होगा।
* प्रश्नपत्र 15 मिनट पहले मिलने से वे प्रश्नों को हल करने की प्राथमिकता तय कर सकेंगे।
परीक्षाओं में 15 मिनट का अतिरिक्तसमय देने एवं अन्य बिंदुओं पर बोर्ड ने छात्र हित में निर्णय लिए हैं। इससे छात्र पूरे तीन घंटे परीक्षा के लिए दे सकेंगे। अगली परीक्षा की तैयारी इसी पैटर्न पर की जा रही है।
- उद्धव मोटवानी, सदस्य, माध्यमिक शिक्षा मंडल(संजय मिश्रा,दैनिक भास्कर,बिलासपुर,20.7.2010)
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