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08 अगस्त 2010

देश के 39 डेंटल कॉलेजों की मान्यता रद्द

डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) ने इंदिरा गांधी गवर्नमेंट कॉलेज, जम्मू और फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली समेत देश के 39 डेंटल कॉलेजों की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।

श्रीगंगानगर का महाराजा गंगासिंह डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर भी इस सूची में शामिल है। इसके अलावा राजस्थान के कोटपूतली स्थित एकलव्य डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च अस्पताल की मान्यता भी रद्द की गई है। इन सभी कॉलेजों को 2010-11 के लिए छात्रों को प्रवेश देने की इजाजत नहीं होगी, लेकिन पहले से अध्ययनरत छात्रों के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

डीसीआई सूत्रों ने 'डीएनए-भास्कर" से फैसले की पुष्टिï करते हुए बताया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हो रहा था। डीसीआई की टीम ने इन कॉलेजों का हाल ही निरीक्षण किया था।

उधर,डीसीआई के इस फैसले से,पंजाब यूनिवर्सिटी के डॉ. एचएस जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड कॉलेज में पढ़ने वाले 240 स्टूडेंट्स का भविष्य संकट में फंस गया है। काउंसिल ने टीचर्स की नियुक्ति न होने, स्टूडेंट्स को बुनियादी सुविधाएं और हॉस्टल न दिए जाने के बाद कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी है। इस इंस्टीट्यूट को पंजाब यूनिवर्सिटी की मदद के बगैर डॉ. एचएस जज ने वित्तीय मदद देकर शुरू किया था। इसके बाद सुविधाएं, टीचरों की नियुक्तियों का जिम्मा पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन का था, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस इंस्टीट्यूट के लिए डॉक्टरों की नियुक्तियां और सुविधा जुटाने के मामले में लापरवाही बरती। काउंसिल ने जून के आखिरी सप्ताह में पंजाब यूनिवर्सिटी को इस इंस्टीट्यूट की मान्यता खत्म करने के लिए लिख दिया था। साथ ही पूछा गया था कि डेंटल कॉलेज में क्या सुविधाएं हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के मुताबिक इस इंस्टीट्यूट में इस समय 17 टीचर होने चाहिए थे, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यहां पर टीचरों की नियुक्ति के लिए न कोई प्रक्रिया शुरू की और न ही टीचर नियुक्त किए। पिछले काफी समय से इस इंस्टीट्यूट को लेकर विवाद चल रहा था, लेकिन कोई रास्ता निकालने की कोशिश नहीं की गई। इस इंस्टीट्यूट में पिछले चार सेशन से 240 स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। इनमें से एक बैच अगले साल पासआउट होने वाला है। हालांकि पंजाब यूनिवर्सिटी ने अपने 30 डिपार्टमेंट्स में नए टीचर रखने के लिए पिछले पांच माह से प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन डेंटल कॉलेज में नियुक्तियों के बारे में प्रक्रिया को बहुत हल्के ढंग से लिया गया। इस बारे में जब डॉ. एचएस जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड कॉलेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. के. गाबा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। आधिकारिक तौर पर जानकारी मिलने के बाद ही इस बारे में मैं कुछ कह पाऊंगा(दैनिक भास्कर,दिल्ली-चंडीगढ़,8.8.2010)।

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