हिमाचल सरकार ने न्यायिक अधिकारियों के वेतन में कल वृद्धि कर दी। सरकार ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक अधिकारी (वेतन, भत्ते और सेवा की शर्ते) अधिनियम, 2003 में निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए संशोधित नियम को मंजूरी दे दी है।
इस संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। नया वेतनमान जनवरी 2006 से देय होगा। सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) का प्रवेश स्तर पर मौजूदा वेतनमान 9000-14550 है। यह बढ़कर 27700——770—-33090—920—40450—1080—44770 हो गया है। सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) प्रथम चरण एश्योर्ड करिअर प्रोग्रेशन वेतनमान वर्तमान में 10750—14900 से बढ़कर 33090—45850 हुआ है।
सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) द्वितीय चरण एश्योर्ड करिअर प्रोग्रेशन वेतनमान मौजूदा 12850—17550 से बढ़कर 39530—54010 हो गया है। सिविल न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) प्रवेश स्तर पर अभी 12850—17550 वेतनमान ले रहे हैं, अब यह वेतनमान 39530—54010 होगा। सिविल न्यायाधीश सीनियर डिवीजन प्रथम चरण एश्योर्ड करिअर प्रोग्रेशन वेतनमान 14200—16350 है। यह बढ़कर 43690—56710 हो गया है।
द्वितीय चरण में इसमें करीब सात हजार का इजाफा होगा। जिला न्यायाधीश प्रवेश स्तर पर अभी 16750 से 20500 वेतनमान मिल रहा है। जिला न्यायाधीश को चयन ग्रेड पर 18750 से 22850 रुपए मिल रहा है। यह 57700 से 70290 होगा। जिला न्यायाधीश को सुपरटाइम वेतनमान 22850 से 24850 रुपए दिया जा रहा है जबकि नए वेतनमान में वह 70290 से लेकर 76450 रुपए पाने के हकदार होंगे।
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार संशोधित वेतनमान को लेकर सुप्रीमकोर्ट के निर्देश भी मिले थे। इन निर्देशों के आधार पर वेतन और भत्तों से जुड़ें नियमों में प्रदेश सरकार को संशोधन करना पड़ा है। नया संशोधित नियम अधिसूचना जारी होते ही अस्तित्व में आ गया है(दैनिक भास्कर,शिमला,8.8.2010)।
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