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08 अगस्त 2010

सीएस के छात्र पढ़ सकेंगे विदेशों में

अब सीएस स्टूडेंट्स भी अन्य देशों में जाकर स्टडी कर सकेंगे। वहीं, वे कल्चरल और एजूकेशनल एक्टिविटीज भी एक्सचेंज कर पाएंगे। उन्हें यह अवसर आईसीएसआई इंस्टीट्यूट की ओर से उपलब्ध करवाया जाएगा। यह जानकारी इंस्टीट्यूट के सीईओ और सेक्रेटरी एनके जैन ने शनिवार से जयपुर के महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में शुरू हुई 11वीं ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस स्टूडेंट्स ऑफ कपनी सेक्रेटरीज के दौरान दी।

उन्होंने कहा कि अभी तक सीएस स्टूडेंट्स को अन्य देशों के साथ इंटरेक्शन करने का मौका नहीं मिल पाता था। इसे मद्देनजर रखते हुए इंस्टीट्यूट ने इंटरनेशनल लेवल पर स्टूडेंट्स फैडेरशन बनाई है। इसके बैनर तले आयोजित होने वाले एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यह अवसर उपलब्ध करवाया जाएगा। टू और थ्री टायर शहरों में इस कोर्स के बारे में लोगों में अवयेरनेस बढ़ाने के लिए कैम्पेन चलाए जाएंगे। इससे कम खर्च में मिलने वाली इस डिग्री के बारे में ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स को जानकारी मिलेगी।

बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स इस कोर्स को जॉइन करके सीएस बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी दो सालों में बैंकिंग सेक्टर से करीब दो लाख लोग रिटायर होंगे। इस सेक्टर में भी सीएस के लिए जॉब मिलना आसान रहेगा। स्टूडेंट्स को शॉर्ट के बजाय लॉन्ग टर्म पर फोकस रहते हुए करिअर शुरू करने की सलाह दी। प्रोफेशन में एथिक्स के साथ समझौता नहीं करने के बारे में बताया। नॉलेज एक्सपायरी डेट की तरह है। आजकल तेजी से हो रहे डवलपमेंट में सक्सैस पाने के लिए इसे अपडेट रखना जरूरी है।

आगामी दो सालों में एसएमईस सेक्टर पर इंस्टीट्यूट फोकस करेगा, ताकि इस सेक्टर को भी कॉपरेरेट, कोपरेरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटीज के बारे में समय-समय पर जानकारी मिल सके। देशभर में बंद हो चुकी कंपनियों का करीब 70-80 हजार करोड़ रुपए ब्लॉक हो चुका है। इन्हें रिसाइकल करते हुए इकोनॉमी में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए पोस्ट मेंबरशिप क्वालिफिकेशन कोर्स शुरू होगा। इंस्टीट्यूट के प्रेसिडेंट विनायक एस खानवलकर ने विजन 2020 के बारे में जानकारी दी।

इसके तहत आगामी दस सालों में इंस्टीट्यूट और सीएस प्रोफेशन में आने वाली चुनौतियों के बारे में योजना बनाई जा रही है(दैनिक भास्कर,जयपुर,8.8.2010)।

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