मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

08 अगस्त 2010

बरकतुल्ला विश्वविद्यालयःएम.एड. परीक्षा के छात्रों ने लगाई गुहार

सारे नियम-कायदों को दरकिनार करते हुए बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में एमएड की परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। सभी शंकाओं को सही साबित करते हुए विवि ने सुबह-सुबह न केवल एक और कालेज को हरी झंडी दे दी बल्कि इसके छात्रों को भी परीक्षा में शामिल कर दिया गया। वहीं प्रवेश पत्र जारी होते ही कई छात्र अपने भविष्य की दुहाई देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री के पास पहुंच गए। यह सभी शाम तक मंत्री निवास में ही जमा रहे। बीयू की एमएड परीक्षा में शिक्षा माफिया का कारनामा शनिवार को उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के निवास पर पहुंचे छात्रों ने उजागर कर दिया। करीब एक दर्जन छात्रों ने दावा किया है कि उन्होंने सत्र के आरंभ में ही प्रवेश लिया था, लेकिन हमें प्रवेश पत्र ही विवि ने जारी नहीं किए। अब कहा जा रहा है कि हमारे फार्म ही विवि में नहीं है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के महासचिव विवेक त्रिपाठी ने श्री शर्मा को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि कालेज संचालकों ने ज्यादा फीस लेकर अन्य राज्यों के छात्रों को प्रवेश दे दिए। जबकि इनके नाम ही कालेजों की प्रवेश सूची में नहीं हैं। श्री त्रिपाठी ने बीयू पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच करने की मांग की है। दूसरी ओर बीयू में नए छात्रों को परीक्षा में शामिल करने का खेल शनिवार को भी जारी रहा। दो दिन से पड़े मल्होत्रा कालेज के फार्म सुबह-सुबह मंजूर कर लिये गए। शुक्रवार शाम तक विवि प्रशासन संबद्धता न होने के कारण किसी भी स्थिति में फार्म जमा न करने का दावा कर रहा था, लेकिन आज सुबह ही विशेष बैठक कर इस कालेज के सभी 25 फार्म मंजूर कर लिये गए। दोपहर तीन बजे से शुरू हुई परीक्षा के लिए दो बजे तक प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए गए। जबकि इसे 21 जुलाई को ही बीयू की स्थायी समिति ने संबद्धता देने का निर्णय लिया था। कार्य परिषद की मंजूरी इसे आजतक नहीं मिल सकी। वहीं आश्चर्य की बात यह है कि एनसीटीई के अनुमति पत्र में ही स्पष्ट लिखा है कि विवि से संबद्धता के बगैर कालेज प्रवेश नहीं दे सकता। बावजूद इसके विवि ने संबद्धता न मिलने के लिए खुद को जिम्मेदार बताया। इसे ही सुधारते हुए इस कालेज के छात्रों को परीक्षा में शामिल किया गया है। इस तरह एमएड की परीक्षा में शामिल कालेजों की संख्या बीस हो गई है(दैनिक जागरण,भोपाल,8.8.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।