बारहवीं कक्षा का छात्र शौर्य सलूजा अपने सहपाठियों से काफी अलग है। जहां उसके दोस्त ऑरकुट और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर अपनी दोस्ती का दायरा बढ़ाने में व्यस्त हैं वहीं शौर्य साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। इंडस इंटरनेशनल स्कूल का 17 वर्षीय छात्र शौर्य इन्फोसिस की मदद से नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए एक पाठ्यक्रम विकसित कर रहा है, जो उन्हें साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक करेगा। शौर्य द्वारा तैयार यह पाठ्यक्रम पहले उसके स्कूल में पढ़ाया जाएगा। बाद में संभवत: सीबीएसई भी इसे लागू कर सकता है। शौर्य ने कहा, छात्र-छात्राएं सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर अपने प्रोफाइल में बहुत सी जानकारियां दे देते हैं। वे काफी संख्या में अपनी तस्वीरें लोड करते हैं और अपनी दोस्ती का दायरा बढ़ाने के लिए हर किसी का न्यौता स्वीकार कर लेते हैं लेकिन वे इसके खतरों से वाकिफ नहीं होते। शौर्य का कहना है कि वह छह महीने बाद अपने इस पाठ्यक्रम की सफलता को आंकेगा और इसके बाद सीबीएसई से इसे अपने पाठ्यक्रम में लागू करने की मांग करेंगे। शौर्य ने बताया कि उसे यह विचार अपनी दस वर्षीय बहन से मिला। उसकी बहन ने शौर्य से कहा था कि वह फेसबुक पर उसका प्रोफाइल बना दे, जिसमें उससे जुड़ी हर जानकारी शामिल हो। साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए शौर्य ने साइबर सुरक्षा के अनुसंधान केंद्र पंजाब कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से संपर्क किया। शौर्य ने कहा, जब मैंने हाई स्कूल में साइबर सुरक्षा विषय पढ़ाने की सलाह दी तो उन्होंने मुझे इस पर काम करने की मंजूरी दे दी। मैंने वहां तीन हफ्ते तक इंटर्नशिप की, सर्वे व शोध किया और मौजूदा पाठ्यक्रम में खामी का जिक्र करते हुए इस कोर्स की जरूरत साबित कर दी। जून के दूसरे हफ्ते में शौर्य ने इन्फोसिस में अपना शोध-पत्र पेश किया और पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए उसकी रजामंदी हासिल कर ली(दैनिक जागरण,दिल्ली संस्करण,2.8.2010 में बंगलोर की रिपोर्ट)।
शौर्य को बधाई..
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