डीयू में 13 साइंस कोर्सेज की डेट शीट इस बार सबसे पहले तैयार की जा रही है। दरअसल इन कोर्सेज में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया है और डीयू टीचर्स असोसिएशन ( डूटा ) सेमेस्टर के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। वहीं यूनिवर्सिटी डूटा के हमले का जवाब दे रही है। खास बात यह है कि अभी कई कॉलेजों में सेमेस्टर के हिसाब से पढ़ाई भी शुरू नहीं हुई है लेकिन यूनिवर्सिटी ने फर्स्ट सेमेस्टर एग्जामिनेशन की तैयारियां जोर - शोर से शुरू कर दी हैं।
डेट शीट करीब - करीब फाइनल कर ली गई है और फर्स्ट सेमेस्टर एग्जाम 16 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच होंगे। सूत्रों के मुताबिक , डूटा के आंदोलन के कारण स्टूडेंट्स व पैरंट्स में कन्फ्यूजन बनी हुई है कि सेमेस्टर लागू हो भी पाएगा या नहीं ? इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी तीन - चार दिनों में साइंस के इन कोर्सेज की डेट शीट जारी करने जा रही है ताकि स्टूडेंट्स को पता चल सके कि उन्हें एग्जाम सेमेस्टर के हिसाब से ही देने होंगे।
यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक , हेड ऑफ डिपार्टमेंट ने कॉलेज प्रिंसिपलों से एग्जामिनर्स की लिस्ट मांगी है कि कौन टीचर क्या पेपर पढ़ा रहे हैं ? एग्जामिनर्स की लिस्ट आने के बाद पेपर सेटिंग का प्रोसेस शुरू होगा। वाइस चांसलर प्रफेसर दीपक पेंटल का कहना है कि सेमेस्टर सिस्टम लागू हो चुका है और इससे पीछे नहीं हटा जा सकता। डूटा की हड़ताल के बारे में वह कहते हैं कि इससे नुकसान स्टूडेंट्स का ही हो रहा है। स्टूडेंट्स का कोर्स कंप्लीट नहीं होगा तो इससे उनको एग्जाम में काफी परेशानियां आएंगी। प्रो . पेंटल का कहना है कि कॉलेज प्रिंसिपलों और गवर्निंग बॉडी को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेमेस्टर वाइज पढ़ाई होने में अब देरी न हो और जो टीचर्स इसे फॉलो नहीं करते , उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए।
उन्होंने कहा कि अब स्टूडेंट्स को बेवजह परेशान किया जा रहा है लेकिन यूनिवर्सिटी ने एग्जामिनेशन की तैयारी शुरू कर दी है। नवंबर में ही स्टूडेंट्स के प्रैक्टिकल एग्जाम होंगे। वीसी के मुताबिक , साइंस कोर्सेज जिन कॉलेजों में है , उनमें से 60 पर्सेंट से अधिक में सेमेस्टर के हिसाब से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। उधर , डूटा का दावा है कि 90 पर्सेंट टीचर्स अभी भी एनुअल सिस्टम से ही पढ़ा रहे हैं।
डूटा की हड़ताल : सेमेस्टर के मसले पर डूटा की हड़ताल के कारण कॉलेजों में सोमवार को पढ़ाई ठप रही। डूटा प्रेजिडेंट आदित्य नारायण मिश्रा का कहना है कि जिस तरह टीचर्स ने सेमेस्टर के विरोध में हड़ताल की है , उसे देखते हुए यह साफ हो जाता है कि टीचर्स सेमेस्टर को नहीं मानते। ऐसे में अब वाइस चांसलर को यह समझ लेना चाहिए कि जबरन कोई सिस्टम लागू नहीं किया जा सकता। डूटा हड़ताल का काफी असर देखने को मिला। जानकारी के मुताबिक , कुछ कॉलेजों में एडहॉक टीचर्स ने क्लासेज ली लेकिन परमानेंट टीचर्स ने क्लास नहीं ली। बहरहाल जिस तरह डीयू व डूटा अपने - अपने स्टैंड पर कायम हैं , उसे देखते हुए स्टूडंेट्स की राह काफी मुश्किल होने जा रही है(भूपेंद्र,नभाटा,दि्ल्ली,24.8.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।