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08 अगस्त 2010

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालयःसैकड़ों नकलचियों की परीक्षा निरस्त

चौधरी चरण सिंह विवि ने वर्ष-10 की परीक्षा में नकल के आरोपी हजारों छात्र-छात्राओं का दंड जारी कर दिया है। सम्बंधित विषय कोड की परीक्षा निरस्त कर दी गयी है। कई की तो पूरी परीक्षा ही निरस्त कर दी गई है। विवि ने रेगुलर व प्राइवेट परीक्षार्थियों के नकल प्रकरण को निपटाने के लिए कमेटी गठित की थी। समिति ने शनिवार को अपना निर्णय जारी कर दिया है। दिये गये दंड के बाद जो छात्र-छात्रा प्रवेश लेने अथवा परीक्षा फार्म भरने के पात्र हैं, उन्हें 20 अगस्त तक प्रवेश लेने व परीक्षा फार्म भरने की अनुमति प्रदान की है। इस तरह मिली सजा विवि की बीए प्रथम वर्ष रेगुलर परीक्षा में कुल 278 परीक्षार्थियों को नकल के आरोप में पकड़ा गया। इनमें 15 को तो पहली श्रेणी, 176 को द्वितीय व 59 को तीसरी व 22 को चौथी व चार को पांचवीं श्रेणी का दंड दिया गया है। बीए द्वितीय वर्ष में कुल 120 परीक्षार्थी पकड़े गये। इनमें एक को प्रथम श्रेणी, 79 को द्वितीय, 37 को तृतीय और तीन को चौथी श्रेणी का दंड दिया गया। बीए तृतीय वर्ष में 141 नकल के आरोप में पकड़े गये थे। इनमें एक को प्रथम, 80 को द्वितीय, 46 को तृतीय, 12 परीक्षार्थी को चौथी व दो को पांचवीं श्रेणी का दंड दिया गया है। बीएससी प्रथम वर्ष के 58, द्वितीय के 14 व तृतीय के 20 परीक्षार्थियों की उस विषय कोड की परीक्षा निरस्त कर दी है। जबकि बीकॉम प्रथम के 26, द्वितीय के 14 व तृतीय के 25 की परीक्षार्थियों की उस विषय कोड की परीक्षा निरस्त कर दी गयी है। इसी तरह अन्य कक्षा व विषय में दंड दिया गया है। छठी श्रेणी में गिने चुने छात्र ही देखने को मिले। प्राइवेट में सबसे अधिक नकलची विवि की प्राइवेट परीक्षा में सर्वाधिक नकलची पकडे़ गये। बीए प्रथम वर्ष में कुल 390 पकडे़ गये। इनमें से 229 की सम्बंधित विषय कोड की परीक्षाओं को निरस्त किया गया है। बीए द्वितीय में 169 एवं तृतीय में 129 नकलची पकडे़ गये। एजुकेशन में भी कम नहीं विवि की एमए प्राइवेट एजुकेशन की प्रथम वर्ष परीक्षा में सबसे अधिक 46 नकचली व द्वितीय वर्ष में कुल 22 को पकड़ा गया। एमए प्रथम वर्ष दर्शनशास्त्र में मात्र एक परीक्षार्थी पकड़ा गया। जबकि द्वितीय में इतिहास और गणित में केवल एक-एक ही नकलची पकड़ा गया है(दैनिक जागरण,मेरठ,8.8.2010)।

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