प्रदेश में डाक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार उनकी सेवानिवृत आयु 65 साल करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही केबिनेट में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह प्रस्ताव बनाने के निर्देश मुख्य सचिव अवनि वैश्य को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और हर हफ्ते दो घंटे स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा होगी। विभाग ने पहले डाक्टरों को तीन साल तक संविदा आधार पर सेवावृद्धि देने का मन बनाया था, लेकिन सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थाई वृद्धि की बात कही। इस दौरान स्वास्थ्य राज्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया, स्वास्थ्य सचिव एसआर मोहंती व विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डाक्टरों व अन्य स्टाफ को मानवीय संवेदना का परिचय देना चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में उपकरणों की आपूर्ति, दो हजार डाक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की भर्ती व उपकरणों को दुरुस्त रखने की सख्त हिदायत दी। श्री चौहान ने कहा कि बरसात में डायरिया व अन्य मौसमी बीमारियों को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं। मुख्यमंत्री ने जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण कार्यक्रम, परिवार नियोजन कार्यक्रम व स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता व उनका समय से पहले उपयोग करने को कहा। बैठक में निर्णय लिया गया कि 1109 डाक्टरों की पीएससी के जरिए चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत दो हजार डाक्टरों की नियुक्ति की जाए(दैनिक जागरण,भोपाल,3.8.2010)।
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