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23 सितंबर 2010

मध्यप्रदेश में खुलेंगे 201 मॉडल स्कूल

मध्यप्रदेश में अब स्कूल भवन भी निजी भागीदारी से बनाए जाएंगे। इसकी शुरुआत 201 मॉडल स्कूलों से की जाएगी। 750 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को निजी निवेशकों की मदद से पूरा करने संबंधी राज्य के प्रस्ताव को केंद्र ने मंजूर कर लिया है। ऐसा करने वाला मप्र देश का पहला राज्य होगा।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पहले साल केंद्र ने मप्र के लिए महज 33 स्कूल ही मंजूर किए हैं, लेकिन राज्य शासन ने एक साथ सभी २क्१ स्कूल बनाने का फैसला किया है।

केंद्र ने इस कार्य के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर (टीए) भी नियुक्त कर दिए हैं। ये टीए ही पूरा प्रोजेक्ट बनाएंगे।

कैसे होगी निजी भागीदारी : प्रत्येक मॉडल स्कूल के निर्माण पर करीब ढाई करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसमें केंद्र 75 फीसदी धनराशि देगा, लेकिन सभी ब्लॉकों में स्कूलों के निर्माण के वास्ते केंद्र से पैसा किस्तों में मिलेगा।

इस गति से चलने पर इन स्कूलों के निर्माण में करीब पांच से छह साल का वक्त लग जाएगा।

राज्य सरकार की मंशा है कि सभी मॉडल स्कूलों का निर्माण एक साथ हो,इसलिए सभी स्कूलों की निविदाएं एक साथ बुलाई जाएंगी। निविदाओं के बाद जो भी निजी ठेकेदार इसमें शामिल होंगे, राज्य सरकार अपनी सरकारी एजेंसियों या बैंकों के माध्यम से उन्हें लोन दिलवाएगी। उस लोन की राशि से स्कूल भवनों का निर्माण होगा। केंद्र व राज्य शासन से जैसे-जैसे पैसा मिलता जाएगा, उससे लोन व ब्याज की राशि का भुगतान किया जाता रहेगा।

क्या होगा फायदा? राज्य को जो स्कूल पांच या छह साल में मिलने थे, वे एक साथ पहले ही चरण में निर्मित हो जाएंगे। इसके अलावा निजी ठेकेदारों से स्कूल भवनों के मेंटेनेंस की निश्चित अवधि तक के लिए करार भी होगा।

इस तरह मेंटेनेंस की चिंता से भी राज्य शासन मुक्त हो जाएगा।


ऐसे होंगे मॉडल स्कूल

शिक्षक-छात्र अनुपात 1:25 अर्थात 25 छात्रों पर एक शिक्षक से ज्यादा नहीं होगा। आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित लैब होगी। कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होगी।लाइब्रेरी और बेहतर खेल सुविधाएं जुटाई जाएंगी। उच्च शिक्षित एवं प्रशिक्षित शिक्षक रहेंगे।

निजी निवेश से मॉडल स्कूल भवनों के निर्माण को केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। देश में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पहली बार निजी भागीदारी का प्रयोग किया जा रहा है,इसलिए गहन अध्ययन के बाद ही इस प्रोजेक्ट पर अमल शुरू किया जाएगा।

दीपक खांडेकर,प्रमुख सचिव,स्कूल शिक्षा(भास्कर डॉटकॉम,भोपाल,22.9.2010)

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