अगर आप भी सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो अपनी तैयारियों को तेज कर लीजिए क्योंकि सरकारी बैंक तगड़ी भर्ती के मूढ़ में हैं। सरकारी बैंकों को कर्मचारियों की सख्त जरुरत है और कर्मचारियों की इस किल्लत से निपटने के लिए अगले एक दशक में इन बैंकों को कम से कम पांच लाख लोग बहाल करने होंगे। देश में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओँ में भारी विस्तार के कारण यह जरुरी होता जा रहा है।
वोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप ( बीसीजी) की एक स्टडी के मुताबिक कर्मचारियों की कभी सरकारी बैंको के सामने बाधा बनकर खड़ी हो सकती है। इस स्टडी को इंडियन बैंकिंग 2020 का नाम दिया गया है। इस स्टडी के मुताबिक यह धारणा बिल्कुल गलत है कि सरकारी बैंकों के कर्मचारियों की उत्पादकता प्राइवेट बैंकों की तुलना में कम है। दरअसल ये प्राइवेट बैंक अपने बहुत से काम आउटसोर्स कर देते हैं जिससे लगता है कि इनके कर्मचारियों की उत्पादकता बहुत ज्यादा है जबकि सच्चाई इससे कोसों दूर है।
सरकारी बैंक इस समय थोड़ी बहुत बहाली भी कर रहे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा ने पिछळे साल 3500 कर्मचारी बहाल करेगा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया इस साल 2500 कर्मचारी बहाल करेगा। पिछले साल उसने 1500 नियुक्तियां की थीं(बिजनेस भास्कर,7.9.2010)।
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