बंगलुरु के प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर उदयपुर के 20 छात्रों से 26 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में छात्रों से 90 हजार से लेकर दो लाख रुपए तक वसूल लिए गए। दो महीने तक टालमटोल करने के बाद छात्रों को ठगी का अहसास हुआ।
छात्रों ने सामूहिक रूप से भूपालपुरा थाने में मुख्य आरोपी सिरोही में स्वरूपगंज निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र पोमाशंकर रावल और चित्तौड़गढ़ में कपासन हाल आकार कॉम्पलेक्स, यूनिवर्सिटी रोड निवासी मोहित पुत्र पन्नालाल आचार्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
ये हुए ठगी का शिकार. कमलेश, राहुल पूर्बिया, हेमंत, अंकित, भूपेंद्र, महेश, आशीष, आशुतोष, अनिल आचार्य, चिराग वर्मा, गोपाल, दिनेश, वसीम, दीपक, विनोद, दीपक, अरुण, रविंद्र, सिद्धार्थ, चिराग और लक्ष्य जैन ठगी के शिकार हुए।
कैसे फंसाया जाल में .छात्रों ने बताया कि बंगलुरु के नामी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश के नाम पर स्थानीय एजेंट मोहित ने कुछ छात्रों से संपर्क किया। मोहित ने ही मुख्य आरोपी जितेंद्र को उदयपुर बुलाकर छात्रों से संपर्क कराया। इन्हें एमसीए मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन और बीई (बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग) में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया। जितेंद्र ने जून में उदयपुर आकर 18 छात्रों से 90—90 हजार रुपए ऐंठ लिए।
दो छात्रों से बीई डिग्री के लिए दो दो लाख रुपए भी लिए। जब ये छात्र बंगलुरु गए तो कॉलेज में प्रवेश परीक्षा के लिए फर्जी दस्तोवज सौंप दिए। इसमें कॉलेज का लेटरपेड व डारेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर थे। इसके बाद उदयपुर आने पर छात्रों को झांसा दे दिया गया कि इनका प्रवेश हो गया है। ये छा प्रवेश के दस्तावेज आने का इंतजार करते रहे। आरोपी से संपर्क करना चाहा तो मोबाइल स्वीच ऑफ था। दलाल मोहित भी लंबे समय से टालमटोल करता रहा(दैनिक भास्कर,उदयपुर,7.9.2010)।
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