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28 सितंबर 2010

रविशंकर शुक्ल विवि में फर्जी रसीदों से पैसे हड़पने का खेल

पं.रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में फर्जी रसीदों के सहारे छात्रों से पैसे ऐंठने का खेल चल रहा है। पीएचडी और पात्रता के लिए फर्जी रसीद के बाद अब पुनमरूल्यांकन के नाम पर पैसे ऐंठने का नया मामला सामने आया है।सोमवार को छात्र ने इसकी शिकायत विवि के आला अधिकारियों से की है।

विवि ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। छात्र ने शिकायत की है कि जून में उसने पुनमरूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। परिणाम घोषित हुआ उसमें उसका नंबर न तो चेंज में दर्शाया गया और न ही नो चेंज में।

इससे पहले फर्जी रसीद के सहारे फर्जीवाड़े किए जाने का मामला शनिवार को सामने आया था। इसमें रविवि में कार्यरत एक कर्मचारी ने पीएचडी और पात्रता के फार्म के लिए फर्जी रसीद दी थी। आज पुनमरूल्यांकन के आवेदन करने पर छात्र को गलत रसीद दिए जाने का मामला सामने आया है। छात्र की शिकायत के बाद विवि प्रशासन हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। फर्जी रसीद देने वाले व्यक्ति की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। व्यक्ति की पहचान के लिए छात्र को बुलाया गया है।


यह है मामला :
सोमवार को बीएससी की छात्रा प्रीति ने विवि में शिकायत की कि जून २क्१क् में पुनमरूल्यांकन के लिए आवेदन करने के बावजूद उसका कोई परिणाम सामने नहीं आया। जबकि छात्र ने पुनमरूल्यांकन के लिए फीस पटाकर आवेदन किया था। छात्र की शिकायत के बाद जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि छात्र को हरी और लाल रसीद न देकर उसे कार्यालयीन रसीद थमा दी गई। जिस पर यूनिवर्सिटी की मुहर भी लगी है(दैनिक भास्कर,रायपुर,28.9.2010)।

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