राज्य लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित होने वाली सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में 20 हजार बीएससी ऑनर्स के छात्रों के बाहर होने का खतरा हो गया है। परीक्षा में विज्ञान वर्ग के छात्रों के लिए जंतु विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान होना जरूरी है, जबकि बीएससी ऑनर्स छात्रों के पास इनमें से महज दो विषय ही हैं। परीक्षा के लिए करीब साढ़े सात लाख आवेदन आए हैं। इनमें बीएससी ऑनर्स छात्रों के लिए विषय अनिवार्यता की परेशानी पैदा हो रही है।
ऑनर्स में विज्ञान वर्ग के दो विषयों के बावजूद छात्रों ने आवेदन भरे हैं, लेकिन उनकी परीक्षा को लेकर संशय है। इस मामले में स्थिति साफ करने के लिए छात्रों ने मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री और आयोग को पत्र लिखे हैं।
दरअसल आयोग ने 2008 में जब सेकंड ग्रेड भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था तब इन तीनों विषयों की अनिवार्यता का कोई उल्लेख नहीं था। ऐसे में बड़ी संख्या में आवेदन करने के बावजूद छात्र अपनी तैयारी को लेकर संशय की स्थिति में है। इधर छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में आयोग और शिक्षा विभाग ने अपने-अपने तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया है।
हमारा काम सिर्फ परीक्षा कराना
आयोग का काम सिर्फ परीक्षा आयोजित करवाना है। परीक्षा के लिए नियम-कायदे शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए हैं और इसी के अनुरूप परीक्षा करवाई जा रही है।
—एल.डी. यादव, डिप्टी सेक्रेट्री, राजस्थान लोक सेवा आयोग
छात्र हित में होगा फैसला
यह मामला पहली बार प्रकाश में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी फैसला होगा छात्रों के हित में ही होगा।
—एम.पी. वर्मा, उपसचिव, शिक्षा विभाग(दैनिक भास्कर,जयपुर,28.9.2010)
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