अब बिहार के सभी अंगीभूत कालेजों में बीएड की पढ़ाई होगी । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षक दिवस के मौके पर इसकी घोषणा की । उन्होंने मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना के अंतर्गत ४० लाख निरक्षर महिलाओं को साक्षर करने वाले अक्षर दूतों (शिक्षकों) और स्कूली बच्चों को भी सौगात दी ।
उन्होंने बताया कि अक्षर आंचल योजना में लगे दो लाख अक्षर दूतों को एक-एक हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र दिए जाएंगे । इसके अलावा तीन वर्ष से लेकर छह वर्ष तक के आंगनबा़ड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को प्रतिवर्ष कपड़ा के लिए २५० रुपये नकद दिए जाएंगे । साथ ही तीसरी कक्षा से लेकर पांचवी कक्षा तक के स्कूली बच्चों को पोशाक के लिए ५०० रुपये प्रतिवर्ष देने की घोषणा की ।
मुख्यमंत्री मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से शिक्षक दिवस पर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के उत्कृष्ट शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा के प्रसार के लिए अभियान चल रहा है । एनडीए सरकार के पूर्व २००५ में २५ लाख से ज्यादा बच्चे स्कूल से बाहर थे । चार वर्ष नौ महीने में अब मात्र सात लाख सत्तर हजार बच्चे ही स्कूल से बाहर हैं । मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी है कि शिक्षक अच्छे हों जो अच्छी शिक्षा दे और बच्चों का चरित्र निर्माण करें । उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अप्रशिक्षित शिक्षक नियुक्त हुए हैं, जिन्हें अच्छे प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सरकार कर रही है । इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी अंगीभूत विद्यालयों में बीएड की पढ़ाई शुरू हो (नई दुनिया,दिल्ली,6.9.2010)।
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