भविष्य में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) से बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (बीटीसी) का नि:शुल्क प्रशिक्षण हासिल करना संभव नही होगा। डायट से बीटीसी करने पर प्रशिक्षणार्थियों से फीस वसूलने के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने शासन को पत्र लिखकर डायट की फीस तय करते हुए आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। एससीईआरटी के इस अनुरोध पर शासन ने उससे फीस निर्धारण का प्रस्ताव मांगा है। प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शैक्षिक अर्हता स्नातक व बीटीसी है। बीटीसी का दो वर्षीय प्रशिक्षण प्रदेश में स्थापित 70 डायट के जरिए दिया जाता है। इन 70 डायट में बीटीसी की कुल 10,400 सीटें हैं। वर्तमान में डायट में बीटीसी का प्रशिक्षण मुफ्त दिया जाता है। इसके लिए कोई फीस निर्धारित नहीं है। वहीं शासन ने वर्तमान शैक्षिक सत्र में प्रदेश के 47 निजी कालेजों को बीटीसी प्रशिक्षण देने के लिए संबद्धता दी है। शासन ने 19 मई 2010 को इन निजी कालेजों में बीटीसी की फ्री सीटों के लिए सालाना 22,000 रुपये और पेड सीटों के लिए 44,000 रुपये फीस निर्धारित की है। एससीईआरटी के निदेशक अशोक गांगुली ने शासन को लिखे पत्र में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा 18 जून 2002 को जारी की गई अधिसूचना का हवाला दिया है। अध्यापक शिक्षा से जुड़े गैर सहायता प्राप्त संस्थानों के फीस विनियमन के संदर्भ में जारी की गई इस अधिसूचना की धारा 3 (एफ) में निजी संस्थाओं की फ्री सीट के लिए अदा की जाने वाली फीस को सरकारी संस्थाओं की फीस से जोड़ा गया है। तात्पर्य यह है कि अध्यापक शिक्षा से जुड़े सरकारी संस्थाओं की भी फीस निर्धारित होनी चाहिए। उपर्युक्त अधिसूचना के इसी तथ्य का हवाला देते हुए एससीईआरटी निदेशक ने शासन से निजी संस्थाओं की तरह डायट के लिए भी फीस निर्धारित करने का अनुरोध किया है। उनके इस अनुरोध पर शासन ने एससीईआरटी निदेशक से यह पूछा है कि डायट के प्रशिक्षणार्थियों के लिए कितनी फीस ली जानी चाहिए? शासन ने आरक्षित वर्ग के प्रशिक्षणार्थियों से ली जाने वाली फीस का भी सुझाव मांगा है। शासन ने एससीईआरटी से 18 जून 2002 की अधिसूचना की प्रति भी उपलब्ध कराने को कहा है। एनसीटीई ने शासन को संशोधित अधिसूचना की जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि 18 जून 2002 की उक्त अधिसूचना को संशोधित करते हुए 25 अगस्त 2010 को गजट में नई अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है। नतीजतन अब शासन एससीईआरटी को नई अधिसूचना की प्रति भेजकर उससे संशोधित प्रस्ताव मांगने की तैयारी कर रहा है(राजीव दीक्षित,दैनिक जागरण,लखनऊ,29.9.2010)।
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