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27 सितंबर 2010

राजस्थान विविःसिंडिकेट की आड़ में निजी एजेन्डे

राजस्थान विश्वविद्यालय में गत गुरूवार को आयोजित की गई सिंडिकेट बैठक में एक फर्जीवाडे पर मुहर लगाई गई। तय एजेंडा से हटकर रजिस्ट्रार को रिलीव करने के हो हल्ले के साथ ही सिंडिकेट ने वर्षों पहले फर्जीवाडे़ से नियुक्ति पाकर हटाए गए कर्मचारियों को फिर से परिवीक्षा पर लेने की कवायद शुरू कर दी। इस बारे में सिंडिकेट के सदस्य एक विधायक के आग्रह पर गठित प्रो.एच.शर्मा कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए तीन सदस्य समिति गठित कर दी।

बार-बार बनी कमेटी : 1996 में विवि प्रशासन ने बिना नियम प्रक्रिया के 162 लोगों को फर्जीवाडे से नियुक्तियां दी। फर्जीवाडे के खिलाफ हल्ला होने के बाद तत्कालीन कुलपति के हटते ही इन लोगों को भी हटा दिया गया। इस पर 35 लोगों की ओर से विवि प्रशासन के खिलाफ की गई अपील पर न्यायालय ने स्थगनादेश दे दिया।

बाद में इन लोगों ने वाद वापस लेकर फिर से सेवाएं नियमित करने की गुहार की। पहले इस मामले में प्रो.एस.सी.जैन समिति गठित हुई थी। कमेटी ने स्पष्ट किया था कि नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से ही विवि में नियुक्ति दी जानी चाहिए। इसके बाद प्रो. एच.एस. शर्मा समिति गठित की गई।

बस आयुसीमा में छूट हो

इस विष्ाय पर विवि में चली पत्रावली में मात्र इतना ही उल्लेख किया गया कि इन अभ्यर्थियों को आगामी किसी भी भर्ती में आयुसीमा के मामले में छूट दी जा सकती है। लेकिन नई नियुक्ति प्रक्रिया से पहले राज्य सरकार से हुए एमओयू के तहत पहले अनुमति लेना आवश्यक है। लेकिन अब कमेटी की रिपोर्ट के सहारे सिंडीकेट की आड में इन लोगों को नियुक्ति देने का दबाव बनाया जा रहा है।

एजेंडे में शामिल नहीं

शर्मा कमेटी ने अप्रेल 2010 में रिपोर्ट देकर हटाए गए लोगों को पुन: नियोजित करने के बारे में कहा था। इसके बाद अप्रेल, मई व जुलाई की सिंडीकेट के एजेंडा में इस विष्ाय को शामिल करने के लिए पत्र आए लेकिन अंतत: इस बार की सिंडीकेट में बिना एजेंडे के ही रिपोर्ट वितरित कर आगे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
कमेटी गठित की है

इस मामले में अभी तो हमने फिर से एक कमेटी गठित की है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद भी जो कुछ होगा उसमें नियम प्रक्रिया का ध्यान रखेंगे।प्रो.ए.डी.सावंत, कुलपति राजस्थान विवि
योग्यता जरूर देखें

ये लोग लंबे समय से गुहार कर रहे थे। हमने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि स्क्रीनिंग कमेटी इन लोगों की योग्यता मापदंड देखकर पुन: नियोजित करे। प्रो.एच.एस.शर्मा, सिंडीकेट में राज्यपाल के प्रतिनिधि(राजस्थान पत्रिका,जयपुर,27.9.2010)

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