सौ से अधिक संस्थानों और 26 देशों के सम्मिलित प्रयास से बना आईआईएमबी का एक्सचेंज प्रोग्राम यहां के छात्र-छात्राओं को अन्य बी-स्कूलों की तुलना में बेहतर तरीके से वैश्विक परिवेश के अनुसार तैयार करता है। इंडियन इस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट, बेंगलुरू ने ग्लोबल कनेक्ट के तौर पर अपनी सफलता का मंत्र तैयार किया है। हालांकि भारत में अन्य मैनेजमेंट स्कूल भी अब पश्चिम देशों की ओर देख रहे हैं। आईआईएमबी अपने स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया आदि देशों के नामी संस्थानों से जोड़ कर पूरे विश्व से जुड़ने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। आईआईएमबी के निदेशक पंकज चंद्रा के अनुसार हम शिक्षण और रिसर्च के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार किए जाने की दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं, जिससे वैश्विक परिवेश में अपना करियर बनाने के इच्छुकों के लिए इस संस्थान की प्राथमिकताओं को बरकरार रखा जा सके। हर साल आईआईएम-बी के लगभग 50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को 15 देशों में साठ से अधिक यूनिवर्सिटी में अपना एक सत्र बिताने का अवसर मिलता है। इसी तरह हर साल 26 देशों में सौ से अधिक संस्थानों से लगभग 170 छात्र-छात्राएं आईआईएम-बी में आते हैं। एचटी बी-स्कूल रैकिंग में द्वितीय स्थान पर रहे इस संस्थान में छात्र-छात्राओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई तरह के आकर्षण हैं-सौ एकड़ में फैला हरियाली से भरा परिसर और विश्वस्तरीय फैकल्टी ऐसे ही दो बड़े आकर्षण हैं। ग्लोबल ब्रांड के रूप में विकसित करने के खुद के प्रयास की ही वजह है कि इस संस्थान को यूरोपियन फाउंडेशन फॉर मैनेजमेंट एजुकेशन की मान्यता मिली हुई है। इंस्टीटयूट अथॉरिटी यूरोपियन क्वालिटी इंप्रूवमेंट सिस्टम (ईक्यूयूआईएस) पर खासतौर पर जोर देती है, जिसके तहत एक संस्थान को न सिर्फ ऑल राउंड उच्च स्तर को बनाए रखना होता है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपने स्तर को बनाए रखना होता है। यही वह क्षेत्र हैं, जहां आईआईएम-बी अन्य बी-स्कूलों की तुलना में कहीं आगे खड़ा दिखाई देता है। इंस्टीटय़ूट अपने मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी खास पहचान रखता है। वाई-फाई सुविधा वाला यह पहला भारतीय संस्थान है। इसके अलावा सौ से अधिक फुल-टाइम फैकल्टी सदस्य हैं, जिससे यहां छह स्टूडेंट्स पर एक फैकल्टी का अनुपात देखने को मिलता है। पिछले साल प्लेसमेंट सत्र में यहां के छात्र-छात्राओं को 15 अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों से ऑफर मिली, जिनमें नोमुरा, टेमसेक, प्रॉक्टर एंड गेम्बल, एन्जेन, अर्विनमेरिटर और यूएई एक्सचेंज प्रमुख हैं। एक अनुमान के अनुसार नोमुरा ने यहां सबसे अधिक 80 लाख रुपये का पैकेज ऑफर किया है। यहां के पूर्व छात्र और एक प्राइवेट इक्विटी फर्म के अध्यक्ष राजेश वर्मा के अनुसार आईआईएम-बी का मजबूत प्लेटफॉर्म यहां के छात्र-छात्राओं को इस प्रतिस्पर्धा के माहौल में आगे कर देता है, वहीं यहां सीखे सबक छात्र-छात्राओं के लिए मजबूत नींव का काम करते हैं। इन सबसे अलग आईआईएम-बी ने अपने ऐसे स्टूडेंट्स की पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम की पूरी फीस वापस करने का फैसला किया है, जो कि गैर लाभकारी संस्था में काम करने का चुनाव करते हैं और वहां तीन साल तक काम करते हैं। इस तरह तमाम बी-स्कूलों में इस तरह की ऑफर देने वाला यह संस्थान पहले स्थान पर खड़ा दिखाई देता है। फैक्ट फाइल मुख्य कोर्स- पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट प्रसिद्ध पूर्व छात्र- मेरिको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौगत मित्र, विदेश मामलों के मंत्रालय में सचिव एन रवि, इसरो के चेयरमैन डॉ. के राधाकृष्णन और बीपीसीएल के एमडी अशोक सिन्हा मुख्य नियोक्ता- मैकिंजे एंड कंपनी, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, बेन एंड कंपनी, बूज एंड कंपनी, एटी कियरने, नोमूरा, टेमसेक होल्डिंग, पीएंडजी, आईटीसी और अमेरिकन एक्सप्रेस(अर्चना जैन,हिंदु्स्तान,दिल्ली,21.9.2010)।
कोर्स फीस- 13.70 लाख रुपये
वर्तमान बैच आकार-270
छात्र-छात्रा अनुपात- 225 पुरुष व 45 महिलाएं
फैकल्टी-छात्र अनुपात- 1: 6
प्लेसमेंट सत्र- वर्ष 2005 में 5 दिन, 2009 में 11 दिन और 2008 में 8 दिन
ऑफर की संख्या- 268 छात्र-छात्राओं के लिए 330 ऑफर
औसत घरेलू वेतन (वर्ष 2010)-घोषित नहीं
औसत अंतर्राष्ट्रीय वेतन (2010)- 80 लाख प्रति वार्षिक
विदेश में प्लेसमेंट - 15
मुख्य समाचारः
22 सितंबर 2010
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर नजर रखता बी स्कूल
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