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22 सितंबर 2010

इग्नू का डीडब्ल्यूईडी कोर्स

आज पूरा विश्व यह मान चुका है कि इस आधुनिक युग में महिलाएं एक समर्थ शक्ति के रूप में स्वयं को विकसित कर रही हैं। चाहे कोई भी क्षेत्र हो, हर क्षेत्र में महिलाओं का दखल है और उनकी जरूरत भी हर क्षेत्र को है। आंकड़े बताते हैं कि सन् 1950-51 में केवल शहरों में नौकरी-पेशा महिलाएं थीं, जिनका अनुपात केवल 2 से 3 प्रतिशत था, जबकि 2008-2009 के आंकड़े बताते हैं कि छोटे शहरों में 35 से 40 प्रतिशत, बड़े शहरों में 50 से 60 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्र में 3 से 5 प्रतिशत महिलाएं नौकरी-पेशा हैं। आज कई ऐसे क्षेत्र भी हैं, जिनमें महिलाओं ने पुरुषों से बड़ा योगदान देकर पूरी दुनिया को नारी-शक्ति का एहसास दिलाया है। लेकिन पुरुष प्रधान इस समाज में कई स्तरों पर महिलाओं को आज भी हेय दृष्टि से देखा जाता है या पुरुषों से कमतर आंका जाता है, जिसके फलस्वरूप कन्या भ्रूणहत्या, नारी शोषण, बलात्कार, वेश्यावृत्ति तथा अन्य अनेक नारी उत्पीड़न की घटनाएं हमें देखने को मिलती हैं।

महिलाओं को इन शोषणों और अत्याचारों से बचाने के लिए आज भी समाज को रूढ़िवादिता से मुक्त कराने तथा नारी जागृति की आवश्यकता है। इसके लिए आप महिला सशक्तिकरण और विकास में डिप्लोमा यानी डीडब्ल्यूईडी का एक वर्षीय डिप्लोमा कर सकते हैं। इग्नू द्वारा चलाए जाने वाले इस कोर्स के माध्यम से आप महिलाओं के मुद्दों में विशेषज्ञता तो हासिल कर ही सकते हैं, साथ ही उनके हक में कानूनी तौर पर लड़ने का सामथ्र्य भी हासिल कर सकते हैं।

योग्यता

इस कोर्स को करने के लिए अभ्यर्थी को बारहवीं या इसके समकक्ष अथवा दसवीं के साथ किसी भी स्तर पर महिला विकास से संबद्घ क्षेत्र में तीन वर्ष का कार्य अनुभव होना चाहिए।

प्रवेश

इच्छुक अभ्यर्थी अपने नजदीक के इग्नू संस्थान से सौ रुपए का प्रॉस्पेक्टस लेकर उसमें दिए प्रवेश फॉर्म को पूरा व सही भर कर फीस वाले डिमांड ड्राफ्ट के साथ जमा करें। प्रॉस्पेक्टस डाक द्वारा भी मंगा सकते हैं। इसके लिए पचास रुपए अतिरिक्त डाक खर्च वहन करना होगा। ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है।

शुल्क

डीडब्ल्यूईडी कोर्स की फीस 2500 रुपए है। यदि किसी कारणवश अभ्यर्थी प्रवेश के वर्ष परीक्षा देने में असमर्थ रहता है तो अगली परीक्षा में बैठने के लिए उसे परीक्षा शुल्क अलग से जमा कराना होगा।

माध्यम
यह कोर्स हिन्दी व अंग्रेजी, दोनों माध्यमों से कराया जाता है। अभ्यर्थी अपनी सुविधानुसार भाषा का चुनाव कर सकते हैं।

छात्रवृत्ति

एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग, विकलांग और शहीद आश्रित छात्रवृत्ति के पात्र होंगे। ऐसे अभ्यर्थी समाज कल्याण कार्यालय अथवा अधिकारी से आवेदन-पत्र प्राप्त कर सभी शर्तो को पूरा करते हुए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

अवसर

महिला सशक्तिकरण और विकास में डिप्लोमा करने के बाद आप महिलाओं के लिए काम कर रहे विभिन्न सरकारी अथवा प्राइवेट संस्थानों में नौकरी के अवसर तलाश सकते हैं। इसके अलावा महिलाओं के विकास के लिए निजी संस्थान अथवा एनजीओ खोल कर भी सेवा कर सकते हैं। उभरते महिला सशक्तिकरण के दौर में यह क्षेत्र करियर की दृष्टि से काफी विस्तृत है।

संपर्क
अधिक जानकारी तथा प्रवेश के लिए अपने नजदीकी इग्नू कार्यालय से संपर्क करें अथवा इग्नू की वेबसाइट- www.ignou.ac.in याwww.ignourcd.ac.in पर लॉगऑन करें(पण्डित प्रेम बरेलवी,हिंदुस्तान,दिल्ली,21.9.2010)

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