बिहार बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए यह अच्छी खबर है। तकरीबन 16 लाख परीक्षार्थियों को ध्यान में रखते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने परीक्षा में ग्रेडिंग सिस्टम को लागू नहीं करने का निर्णय लिया है, बल्कि आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में 12वीं के रिजल्ट का 70 प्रतिशत वेटेज दिलाने के लिए तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसे राज्य के शिक्षकों व विशेषज्ञों ने भी सहमति प्रदान की है। परीक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. एकेपी यादव ने सीबीएसई के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सोमवार को बताया कि बिहार बोर्ड की परीक्षा में प्रतिवर्ष दसवीं के 10 लाख और बारहवीं के 6 लाख परीक्षार्थी सम्मिलित होते हैं। इन परीक्षार्थियों को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्रों की भांति साधन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती हैं। ऐसे में बिहार बोर्ड में ग्रेडिंग सिस्टम को लागू करना लाखों विद्यार्थियों के साथ नाइंसाफी होगी। उन्होंने बताया कि आईआईटी परीक्षा में 12वीं के रिजल्ट का 70 प्रतिशत वेटेज दिलाने के पैटर्न पर हमने तैयारी शुरू कर दी है, ताकि बिहार बोर्ड के विद्यार्थियों को आईआईटी की परीक्षा में उचित न्याय मिल सके। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की मानक के आधार पर 11वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों को माडल पेपर उपलब्ध कराने की तैयारी जा रही है। इस बार सितम्बर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में माडल पेपर छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराये जायेंगे(दैनिक जागरण,पटना,8.9.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।