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30 सितंबर 2010

पश्चिम बंगालःवामो बोर्ड में नियुक्त शिक्षक नहीं पढ़ पाते हैं पुस्तकें

कोलकाता नगर निगम के शिक्षा विभाग के मेयर परिषद के सदस्य डा. शशि पांजा ने खुलासा किया है कि पूर्व वामो बोर्ड के कार्यकाल में नियुक्त शिक्षक जब खुद पाठ्यक्रमों की पुस्तकें नहीं पढ़ पाते हैं तो वे छात्रों को क्या पढ़ा पायेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है जिसकी जांच की जायेगी। उन शिक्षकों के सहारे छात्रों को नहीं छोड़ा जा सकता है जो पढ़ाने में असमर्थ हैं। डा. शशि पांजा ने कहा कि पिछले दिनों पूर्व बोर्ड में नियुक्त कुछ शिक्षकों की जांच की गयी तो पता चला के वे पाठ्यक्रम की अंग्रेजी, बांग्ला व हिन्दी की पुस्तकें सही ढंग से नहीं पढ़ पाते हैं। कुछ छात्रों ने भी इसे लेकर अपने परिवार वालों से शिकायत की थी कि शिक्षक उन्हें नहीं पढ़ा पाते हैं इसलिए वे स्कूल नहीं जायेंगे। डा. शशि पांजा के मासिक अधिवेशन में दिये गये जवाब पर वामो के कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई लेकिन मेयर शोभन चटर्जी ने समर्थन किया और कहा कि ऐसे शिक्षकों से स्कूल की छवि धूमिल हो सकती है इसलिए अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व वामो बोर्ड ने दावा किया था कि निगम के स्कूलों में छात्रों की संख्या लगभग चालीस हजार पहुंच गयी है और इतनी बड़ी संख्या पूर्ववर्ती बोर्ड में भी नहीं देखी गयी। तृणमूल शासित बोर्ड ने पूर्व बोर्ड के दावे को खारिज कर दिया। डा. शशि पांजा ने यह भी कहा कि स्कूली छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जायेगी(दैनिक जागरण,कोलकाता,29.9.2010)।

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