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02 अक्टूबर 2010

एनमैट 2011: स्पीड टैस्ट में करें बेस्ट

मुंबई यूनिवर्सिटी द्वारा मैनेजमेंट के क्षेत्र में क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने के लिए 1981 में स्थापित नरसी मोन्जे इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एनएमआईएमएस) आज के दौर में एक डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी एक पहचान बना चुका है। इस संस्थान द्वारा डिप्लोमा, ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम इन आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, साइंस और कॉमर्स में कई मैनेजमेंट प्रोग्राम प्रस्तुत किए जाते हैं। इनमें दाखिला एंट्रेंस एग्जाम (एनमैट) के पश्चात मिलता है। अब यह परीक्षा पूरी तरह से कम्प्यूटर बेस्ड टैस्ट्स (सीबीटी) पर आधारित हो गई है।

यह एंट्रेंस टैस्ट साल में तीन बार आयोजित किया जाएगा तथा छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार दिन और समय तय करने की सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त छात्रों को कुल तीन प्रयासों की अनुमति मिलेगी और सबसे अधिक प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर ही दाखिला मिलेगा। इस टैस्ट का पहला चरण 1 अक्तूबर 2010 से 31 दिसंबर, 2010 के दौरान आयोजित किया जाएगा। इस टैस्ट में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं की जाएगी। परिणाम प्रत्येक टैस्ट के चार-पांच सप्ताह के अंदर घोषित कर दिए जाएंगे। छात्रों को मल्टीपल मोड्स में फोन, ईमेल और ऑनलाइन चैट की सुविधा भी उपलब्ध होगी। एनमैट 2011 के टैस्ट सेंटर देश के 18 शहरों में फैले हैं। विभिन्न कोर्सो में इसकी कुल 450 सीटें हैं।

योग्यता

इस प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए छात्र के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी आवश्यक है। जो छात्र ग्रेजुएशन की परीक्षा 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास कर चुके हैं या अंतिम वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, वे भी इसके लिए योग्य हैं।

एंट्रेंस एग्जाम का स्वरूप

एंट्रेंस टैस्ट दो चरणों में आयोजित किया जाता है- रिटन टैस्ट (सीबीटी) एवं उसके बाद ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू। इस परीक्षा में कुल 120 प्रश्न पूछे जाते हैं तथा इसके लिए 120 मिनट का समय भी निर्धारित किया जाता है। सीबीटी प्रारूप में टैस्ट को तीन हिस्सों में बांटा गया है, जैसे क्वांटिटेटिव एबिलिटी, वर्बल और लॉजिकल रीजनिंग।

वर्बल एबिलिटी एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन

यह भाग प्रमुख विषयों जैसे इकोनॉमी, मेडिसिन, समाजशास्त्र, इतिहास तथा अन्य विषयों पर आधारित होता है। इसमें प्रश्नों का जवाब पैसेजों को पढ़ कर दिया जाता है। इस खण्ड के बारे में यह धारणा है कि अन्य खण्डों की अपेक्षा इसमें सरल प्रश्न होते हैं। इसके अलावा विलोम, समानार्थक, पर्यायवाची, मुहावरों आदि के प्रश्न भी आते हैं। देखा जाए तो यह एक स्कोरिंग पार्ट है।

क्वांटिटेटिव एबिलिटी एंड डाटा इंटरप्रिटेशन

इसके अंतर्गत गणित के खण्ड से पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्न दसवीं स्तर के होते हैं। इसमें अंकगणित, त्रिकोणमिति, ज्यामिति, भौतिकी, समय-दूरी, औसत, प्रतिशत आदि पर सवाल आते हैं। इसको तभी हल किया जा सकता है, जब आपका दसवीं तक सिलेबस पूरी तरह से क्लियर हो। डाटा इंटरप्रिटेशन पूरी तरह से डाटा सफिशिएंसी तथा एनालिसिस पर निर्भर करता है। इनमें केस स्टडी (ग्राफ के आधार पर) के भी प्रश्न होते हैं।

लॉजिकल रीजनिंग एवं इंटेलिजेंस

लॉजिकल रीजनिंग के प्रश्न अरेंजमेंट एवं पजल्स पर आधारित होते हैं। इसमें विजुअल रीजनिंग भी आती है। यदि शीघ्रता से लॉजिक क्रैक नहीं कर पाए तो समय बर्बाद होगा। इनके स्वरूप के विषय में देखा जाए तो ये काफी घुमावदार होते हैं। यदि आपका ‘प्रजेंस ऑफ माइंड’ अच्छा है तो अधिकतम प्रश्नों के उत्तर दिए जा सकते हैं। ग्राफ, पाई चार्ट के प्रश्न भी काफी संख्या में पूछे जाते हैं।

जीडी एवं पीआई

रिटन टैस्ट में सफल होने के पश्चात छात्र को मेरिट लिस्ट के आधार पर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसमें छात्रों से व्यक्तिगत व शैक्षिक विवरण के अलावा उसके हावभाव व अन्य अभिरुचियों को आंका जाता है। कई बार छात्रों से रिटन टैस्ट को आधार बना कर भी प्रश्न पूछे जाते हैं।

तैयारी कैसे करें

एनमैट के लिए तैयारी विशेष मायने रखती है। इसमें यह ध्यान देना होता है कि कितने प्रश्नों के सही उत्तर दिए गए हैं। अत: इसके लिए विशेष तैयारी की आवश्यकता होती है। कुछ प्रमुख टिप्स निम्न हैं-

प्रतिदिन की घटनाओं तथा समसामयिक जानकारी के लिए समाचार पत्र-पत्रिकाओं को आधार बनाएं तथा महत्त्वपूर्ण बिन्दुओं को नोट करते जाएं।
पुराने प्रश्नपत्रों एवं मॉडल पेपरों के आधार पर पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्वरूप का पता लगा सकते हैं।
बीच-बीच में समय निकाल कर दोस्तों एवं सीनियर्स के बीच ग्रुप डिस्कशन भी करते रहें। इससे जानकारी को और आधार मिलेगा।
गलत उत्तर दिए जाने पर निगेटिव मार्किंग का प्रावधान खत्म हो चुका है। अत: अधिक से अधिक प्रश्नों को टच करने की कोशिश करें।
अंतिम दिनों में अध्ययन के साथ-साथ अपनी सोच भी सकारात्मक रखें।

एक्सपर्ट व्यू
बेसिक क्लीयर करें छात्र
दीपक कुमार मिश्र (सीनियर फैकल्टी), एमबीए गुरु, नई दिल्ली

इस बार एनमैट का स्वरूप बदल चुका है। जो भी नई व्यवस्था लागू की गई है, उसका उद्देश्य छात्रों को सहूलियत प्रदान करना है। पिछले साल इसमें पूछे गए प्रश्न सेक्शन में बंटे थे। कोई जरूरी नहीं कि इस बार भी वही पैटर्न हो। कैट की अपेक्षा इसमें दसवीं स्तर के प्रश्न ज्यादा होते हैं तथा उनकी कठिनता का स्तर भी कम ही होता है। छात्रों की कोशिश यही होनी चाहिए कि एक सेट क्लीयर हो जाये, तभी दूसरे सेट को टच करें। इस बार निगेटिव मार्किग का प्रावधान खत्म हो जाने का फायदा भी उन्हें खूब मिलेगा।

प्रमुख प्रोग्राम
एमबीए फुल टाइम- कोर
एमबीए एक्चूरियल साइंस
एमबीए बैंकिंग मैनेजमेंट
एमबीए कैपिटल मार्केट
एमबीए फार्मास्यूटिकल मैनेजमेंट
एमबीए ह्यूमन रिसोर्सेज
इपीजीडीबीएम (बैंगलोर कैंपस)
पीजीडीएम (बैंगलोर कैंपस)

(नमिता सिंह,हिंदुस्तान,दिल्ली,29.9.2010)

1 टिप्पणी:

  1. रापके ब्लाग पर विद्यार्थिओं व अभिभावकों के लिये बहुत अच्छी जानकारी होती है। धन्यवाद।

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