छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा दशहरा एवं दीपावली के मौके पर 24 दिनों के संयुक्त अवकाश के आदेश की केन्द्रीय बोर्ड से संबंधित निजी स्कूलों पर इस वर्ष पहली बार थोपे जाने का विरोध प्रारम्भ हो गया है।
प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड से संबंधित समस्त विद्यालयों को दबाव पूर्वक 24 दिनों तक बंद करवाने से न सिर्फ लाखों बच्चों की पढाई का नुकसान होगा बल्कि राज्य के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में पिछड़ जाएंगे।
शर्मा ने जानना चाहा कि जब मौसम अनुकूल है, स्कूल के शिक्षक पढाना चाहते हैं, बच्चे पढ़ना चाहते हैं और पालकों को भी कोई आपत्ति नहीं है, तब सरकार राज्य के इन 125 स्कूलों को क्यों बंद करना चाहती है। और इतने लम्बे अवकाश का औचित्य क्या है।
शर्मा ने बताया कि संभवत: 24 दिनों का संयुक्त अवकाश पूरे भारत में सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही दिया गया है, उन्होंनें स्कूल शिक्षा विभाग से हठधर्मिता छोड़कर इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाने को कहा है, और शिक्षा की एकरूपता के मद्देनजर अन्य राज्यों की तरह पूर्व की भांति दशहरा एवं दीपावली का अलग-अलग अल्प अवकाश घोषित करने को कहा है।
राज्य शासन के इस निर्णय का विरोध करते हुए, और कोर्स पूरा नहीं हो पाने की आशंका में स्कूल बंद करने में असमर्थता जताते हुए कई निजी स्कूलों के प्राचार्यो ने जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र भी लिखा है(दैनिक जागरण संवाददाता,15.10.2010)।
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