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15 अक्टूबर 2010

अच्छे अनुवादकों की है भारी दरकार

अरुंधति रॉय की ‘गॉड ऑफ स्मॉल थिंग’ हो या जेके रोलिंग की ‘हैरी पॉटर’, दोनों मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी किताबें हैं। लेकिन इन किताबों को दुनिया भर के उन पाठकों ने भी खूब पसंद किया जो अंग्रेजी नहीं जानते। इसी तरह जब बैटमैन और पोकेमॉन भारतीय बच्चों से रूबरू होते हैं तो वे हिन्दी और तेलुगु में बात करते हैं। आज दुनिया भर के कई देशों में डिस्कवरी सबसे लोकप्रिय चैनल है। यह चैनल दुनिया के कई देशों में उनकी भाषा में प्रसारण करता है। ऐसा संभव होता है अनुवाद के कारण।
अनुवाद एक ऐसा माध्यम है जिसने ग्लोबल दुनिया को एक-दूसरे से जुड़ने में अहम भूमिका निभाई है। दुनिया की कई भाषाओं में अच्छे अनुवादकों की आज भारी मांग है। अच्छे अनुवादकों को अच्छा काम और अच्छा पैसा मिलने की चिंता नहीं करनी पड़ती है।
मौलिक है अनुवाद का कामएक अच्छे अनुवादक का काम महज भाष्य रूपांतरण करना नहीं होता। अनुवाद के काम की आम तौर पर यह कहकर आलोचना की जाती है कि यह काम मौलिक नहीं होता है। इसलिए यह नीरस होता है। यह एक गलत धारणा है। अनुवादक दरअसल एक लेखक होता है। उसे मूल लेखक की आत्मा में घुसना होता है। यूं कहें कि अनुवादक का काम मूल लेखक से ज्यादा रचनात्मक होता है।
किसी भी भाषा का उस देश की संस्कृति से गहरा संबध होता है। अगर किसी चीनी रचना का हिंदी में अनुवाद करना है तो अनुवादक को चीनी और हिंदुस्तानी दोनों संस्कृतियों की गहरी समझ होनी चाहिए। बिना संस्कृतियों के कदमताल किए अनुवाद नीरस साबित होता है। वह पाठकों को आकर्षित नहीं कर पाता है।
कॅरियर का बेहतरीन विकल्प
रचनात्मक क्षेत्र में कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए अनुवाद का क्षेत्र कॅरियर का बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। अनुवादक के तौर पर फुल टाइम और पार्ट टाइम दोनों तरह के कॅरियर बनाए जा सकते हैं। जो लोग घर में बैठ कर काम करना चाहते हैं उनके लिए फ्रीलांस के तौर पर अनुवाद का काम बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
शिक्षा और मीडिया से जुड़े लोगों के बीच अनुवाद के काम की बहुत मांग है। विभिन्न दूतावासों में भी अच्छे अनुवादकों की दरकार होती है। फिल्मों और धारावाहिकों में डबिंग के लिए भी अनुवादक की जरूरत होती है। एक प्रोफेशनल अनुवादक के लिए रोजगार के कई अवसर हैं। आज देश में लगभग पांच करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें तीन भाषाओं का ज्ञान है। आने वाले समय में यह संख्या बढ़ेगी जिसके कारण रोजगार की संख्या बढ़ेगी।
अच्छे अनुवादक की योग्यतायह ध्यान रखने की बात है कि अनुवाद मूल लेखन से भी मुश्किल है। सबसे पहले आपको अपनी मातृभाषा के अलावा दूसरी भाषा की जानकारी हो। इसके लिए महज फर्राटे से स्पैनिश और फ्रेंच बोलने से काम नहीं चल जाता। अनुवादक का मकसद एक से दूसरे भाषा क्षेत्र में जाना होता है। इसलिए इसके लिए धैर्य, स्थिरता और समय की जरूरत होती है। अनुवाद शुरू करने से लेकर खत्म करने तक में अनुवादक को कई तरह के प्रयोग करने होते हैं। शब्दों के विकल्पों में से सटीक शब्द चुनना होता है। मूल लेखन और टारगेट रीडर के बीच की दूरी खत्म करनी होती है। यह दूरी जितनी ज्यादा कम हो जाए, अनुवाद उतना सफल होता है।
रम गए तो जम गए
आज के दौर में कई तरह के क्षेत्रों में अलग-अलग तरह के अनुवादकों की जरूरत पड़ती है। एक बार अच्छे अनुवादक के रूप में अनुभव हासिल करने और पहचान बनने के बाद काम की कमी नहीं होती है। अच्छे अनुवादक का तमगा हासिल कर लेने के बाद तो कई इंटरनेशनल एजंसियों के काम मिलने लगते हैं। अनुवाद के क्षेत्र में पांव जम जाने के बाद आप अपने काम की फीस खुद तय कर सकते हैं। यह आपकी मर्जी है कि आप फ्रीलांसर के तौर पर काम करें या किसी एजंसी के साथ जुड़ें। सरकारी एजंसियों के साथ भी जुड़ा जा सकता है। एक फ्रीलांस अनुवादक को कम से कम एक हजार से दो हजार रुपए प्रति घंटे के हिसाब से पैसे मिल जाते हैं।
इंटरनेट है मददगारअच्छे अनुवाद की पहली शर्त यह है कि वह मानकों के तहत हो। इसके लिए इंटरनेट की मदद भी ली जा सकती है। अनुवादक के तौर पर एक कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन की बदौलत अपना काम फर्राटे से शुरू कर सकते हैं। किसी भी भाषा के अनुवाद के पहले आपके पास उस भाषा की स्टाइल गाइड और डिक्शनरी होनी चाहिए। इंटरनेट पर उपलब्ध डिक्शनरी से समय की काफी बचत की जा सकती है। शुरुआती दौर में आप इंटरनेट पर उपलब्ध ट्रांसलेशन सॉफ्टवेयर का भी सहारा ले सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि यदि आप शुरुआत कर रहे हैं तो पूरी तरह अनुवाद की कमाई पर निर्भर नहीं रह सकते।
खुद तय करें अपनी कमाई
अपने काम के लिए क्या फीस लेना है यह आप खुद तय कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने क्षेत्र की कॉल एजंसियों से संपर्क करें, उनकी फीस के बारे में पूछें। बाजार की सही जानकारी के लिए इंटरनेट सर्च करें। इंटरनेट पर ऐसे कई संगठन और नौकरी से जुड़ी साइट हैं जो इसकी जानकारी दे सकते हैं।
डबिंग के कारोबार ने बढ़ाई मांगकिसी भी कार्यक्रम को डबिंग से पहले अनुवाद की प्रक्रिया से गुजरना होता है। यानी डबिंग का सीधा संबंध अनुवाद से है। 2001 में 50 साल के किशोर भट्ट ने डबिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सुरक्षित सरकारी नौकरी छोड़ दी थी।
भट्ट को उस समय यह काम एक जुए की तरह लग रहा था। उन्हें बहुत से लोगों ने ऐसा खतरनाक कदम उठाने से मना किया। लेकिन वे नहीं माने। आज हालात बदल गए हैं। भट्ट का दस साल का बेटा फटापट उन कार्टून कैरेक्टर के नाम लेता है जिनको आवाज उसके पिता ने दी है। बेकमैन, बैटमैन, जेम्स ऑफ दा पोकेमॉन ऐसे बहुत से कैरेक्टर हैं, जो भट्ट की जुबान बोलते हैं।
अब कोई डर नहीं
भट्ट कहते हैं कि आज मनोरंजन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की कोई कमी नहीं। ये बाहर के देशों में उनकी भाषा के साथ जाना चाहते हैं। रूडयार्ड किपलिंग की रचना पर बनी जंगल बुक में नाना पाटेकर और जैकी श्रॉफ जैसे दिग्गजों ने जानवरों को अपनी आवाज दी थी। डिस्कवरी, हिस्ट्री चैनल, नेशनल ज्योग्राफिक चैनल का भारत में अच्छा-खासा बाजार है। अपने तीन चैनलों के साथ वाल्ट डिजनी भारत में पांव जमा चुका है। इसके साथ कई अंतरराष्ट्रीय चैनल भारतीय बाजार के दरवाजे पर खड़े हैं। आज के समय में 150 मीलियन डॉलर टीवी लैंग्वेज डबिंग का कारोबार हो रहा है।
अनुवाद के लिए लोकप्रिय भाषाएंअंग्रेजी, स्पैनिश, चाइनीज, जर्मन, फ्रेंच
यहां से सीखें - जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली
- दिल्ली विश्वविद्यालय
- इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय,
क्या कहते हैं आंकड़े
- अनुवाद का ग्लोबल बाजार 13 डॉलर बिलियन का है।
- दिल्ली में लगभग 3 करोड़ का अनुवाद का कारोबार है। फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कारण मुंबई अनुवाद के कारोबार में सबसे आगे है। इसका मुख्य कारण फिल्म इंडस्ट्री का वहां होना है।
- महानगरों की तुलना में छोटे शहर अनुवाद के बाजार में पिछड़े हुए हैं।
- इसमें सबसे अधिक कॉल सेंटरों में काम मिलता है लोगों को। इसके अलावा ट्रांसलेटर के रूप में भी काम मिलता है। डॉक्यूमेंट, ई-मेल ट्रांसलेशन, ऑन साइट इंटरप्रिटेशन रूप में काफी काम मिल जाता है।
- एयरोस्पेस, मेडिकल, फाइनेंस, टूरिजम और मेन्यूफेक्चरिंग में अनुवादकों को आराम से नौकरी मिलती है।
 (अनिल अश्विनी,हिंदुस्तान,दिल्ली,11.10.2010)

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