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15 अक्टूबर 2010

उत्तरी अमेरिका और यूरोप में अधिक नियुक्तियां करेंगी भारतीय कंपनियां

भारत और चीन को उनके सस्ते श्रमबल के लिए जाना जाता है लेकिन अब स्थिति बदल रही है भारत तथा चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं से आने वाली कंपनियां उत्तरी अमेरिका तथा यूरोपीय देशों में अधिक नियुक्तियां कर रही है। एक नए अध्ययन ’आईबीएम ग्लोबल चीफ ह्यूमन रिसोर्स आफिसर‘ में यह निष्कर्ष सामने आया है। इसमें कहा गया है कि चीन तथा भारत की अगुवाई में उदीयमान देशों की कंपनियां उत्तर अमेरिका तथा यूरोप में अधिक नियुक्तियां कर रही है। यह अध्ययन 61 देशों तथा दुनिया भर में 31 उद्योगों के 700 मुख्य मानव संसाधन अधिकारियों तथा वरिष्ठ कार्यकारियों की राय पर आधारित है। अध्ययन में कहा गया है कि निवेश तथा नियुक्तियों के लिहाज से परंपरा टूट रही है। आमतौर पर विकसित बाजारों की कंपनियां उदीयमान अर्थव्यवस्थाओं में नियुक्तियां कर अपनी कामकाजी क्षमता को बेहतर करती है लेकिन अब निवेश दोतरफा है। इसके अनुसार भारत की 45 प्रतिशत कंपनियां उत्तर अमेरिका में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना चाहती है जबकि 44 प्रतिशत पश्चिमी यूरोप में विस्तार करेंगी। इस बीच चीन में 33 प्रतिशत कंपनियों ने उ. अमेरिका व 14 प्रतिशत ने पश्चिमी यूरोप में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की इच्छा जताई है(राष्ट्रीय सहारा,15.10.2010)।

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