सरकारी स्कूलों की तरह पब्लिक स्कूलों के लिए भी पारदर्शिता बरतना अनिवार्य होगा। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) अब पब्लिक स्कूलों का भी औचक निरीक्षण करने की तैयारी में है। वैसे सीआईसी ने पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर में एक निर्देश जारी कर सभी सरकारी लाभ प्राप्त पब्लिक स्कूलों को कमजोर आय वर्ग कोटे के तहत भरी गई सीटों की जानकारी बोर्ड पर लगाने को कहा था, लेकिन कोई भी पब्लिक स्कूल इस निर्देश पर अमल नहीं कर रहा है। दो महीने पहले सीआईसी ने पश्चिम बी जिले के कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण कर उपशिक्षा निदेशक से उन पर कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी। केंद्रीय सूचना आयोग पब्लिक स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी में है। वैसे सभी पब्लिक स्कूल उसके अधीन नहीं आते हैं, लेकिन जो स्कूल सरकार से लीज पर जमीन लेकर चल रहे हैं उन्हें सीआईसी के निर्देश मानना अनिवार्य है। इसके बाद अब सीआईसी पब्लिक स्कूलों का भी औचक निरीक्षण करने की तैयारी में है। सीआईसी के सूचना आयुक्त शैलजा गांधी ने 2009 अक्टूबर-नवंबर में सरकारी और निजी स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए थे। निर्देश में स्पष्ट किया गया था कि दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों को उनके यहां चल रही वेलफेयर की स्कीम और स्टाफ की जानकारी को बोर्ड लगाकर लिखना होगा। वहीं पब्लिक को कमजोर आय वर्ग कोटा (ईडब्ल्यूएस कोटा) की समस्त जानकारी बोर्ड पर लगानी होगी। इस जानकारी में उनके स्कूल में कुल सीट, ईडब्ल्यूएस कोर्ट के तहत कुल सीट, कितनी सीट भरी हैं और कितनी सीट खाली है आदि शामिल है। लेकिन अधिकांश पब्लिक स्कूल इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं(दैनिक जागरण,दिल्ली,10.10.2010)।
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