छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मानसिक रोग विभाग में जल्दी ही क्लीनिकल साइकोलॉजी और साइकेट्रिक सोशल वर्क में एमफिल की पढ़ाई शुरू होगी। इसके अलावा साइकेट्रिक नर्सिंग में एक साल का डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। मानसिक रोग विभाग के हेड प्रो. पी.के. दलाल ने बताया कि पूरे देश में सिर्फ ३५०० मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं। जबकि मानसिक रोगियों की संख्या करोड़ों में है। ऐसे में सभी की देखभाल और इलाज संभव नहीं है। केंद्र के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानव संसाधन को प्रशिक्षण के लिए एमफिल और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई। इसके लिए केंद्र ने मानसिक रोग विभाग को २.९४ करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस बजट से १.७३ करोड़ रुपये विभाग को मिल चुके हैं। जिससे पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भवन का निर्माण जारी है। प्रो. दलाल ने बताया कि एमफिल कोर्स दो साल के होंगे। इनमें प्रत्येक में आठ सीटें होंगी। जबकि डिप्लोमा इन साइकेट्रिक नर्सिंग एक साल का होगा। इसमें २० सीटें होंगी। एफफिल कोर्स के लिए रिहैबलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) और डिप्लोमा इन साइकेट्रिक नर्सिंग के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल से अनुमति लेनी होगी। सभी कोर्स शुरू करने केलिए चिविवि की एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने अनुमति दे दी है। अब राज्य सरकार से भी पाठ्यक्रम के लिए अनुमति के लिए आवेदन किया गया है(अमर उजाला,लखनऊ,16.10.2010)।
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