मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

16 अक्टूबर 2010

मार्केट रिसर्च में करिअर

एक समान क्षेत्र की कंपनियों में प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ती जा रही है कि हर कंपनी को ग्राहकों की रुचि बताने वाले विशेषज्ञों की जरूरत पड़ने लगी है। मार्केट रिसर्च दिनों-दिन बहुत महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसीलिए यह आकर्षक करियर विकल्प भी बन गया है। सिर्फ पिछले साल ही 50 हजार लोगों की नियुक्ति मार्केट रिसर्च के विभिन्न पदों पर हुई है।

क्या है मार्केट रिसर्च?

बाजार और ग्राहकों के बारे में व्यवस्थित रूप से सूचनाएं जुटाना। इन जानकारियों और आंकड़ों का विश्लेषण कर मार्केट ट्रेंड का पता लगाया जाता है। इसी से कंपनियों को पता लगता है कि ग्राहक क्या चाहता है, उत्पाद कैसा हो, उसकी यूएसपी क्या हो, उसकी पैकेजिंग और विज्ञापन रणनीति कैसी हो?

करिअर विकल्प क्यों?

वर्तमान समय में तो उपभोक्ता ही बादशाह हैं। इसीलिए ग्राहक को अपनी ओर आकर्षित करने की होड़ में आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। ऐसे में ग्राहक के मन को पढ़ना दिनों-दिन जटिल होता जा रहा है। लगातार इसका बारीक अध्ययन करते रहना जरूरी होता है ताकि उत्पाद किसी भी स्थिति में ग्राहक के दिलो-दिमाग से उतरने न पाए। यहां कस्टमर एनालिसिस, रिस्क एनालिसिस, प्रोडक्ट रिसर्च, एडवरटाइजिंग रिसर्च आदि बहुत से क्षेत्र हैं, जहां प्रोफेशनल्स की जरूरत बढ़ती ही जा रही है।

काम का स्वरूप

बीते समय में बिक्री के आंकड़ों का अध्ययन कर भविष्य के लिए अनुमान लगाना, प्रतिस्पर्धी कंपनियांे से संबंधित जानकारियां जुटाना, विभिन्न उत्पादों की कीमत, तकनीक, मार्केटिंग रणनीति, वितरण नीति, यूएसपी आदि सब बातों का ध्यान इन्हीं विश्लेषकों द्वारा रखा जाता है। यह आंकड़े विभिन्न प्रश्नावलियों, फोन कॉल्स, इंटरनेट सर्वे, सीधे बातचीत आदि से जुटाए जाते हैं। विश्लेषक ऐसी तकनीक भी विकसित करते हैं, जिसके जरिए वे चाहे गए आंकड़े जुटा लेते हैं। उस तकनीक को त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया मंे हमेशा जुटे रहते हैं। टेलिफोन सर्वे, ई-मेल सर्वे, इंटरनेट वोटिंग इसी के तरीके हैं।

आवश्यक योग्यता और पाठ्यक्रम

इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीबीए या बीए इकोनॉमिक्स/सांख्यिकी की डिग्री होनी चाहिए। कई डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा पाठच्यक्रम भी उपलब्ध हैं। पीजी स्तर पर एमबीए उपलब्ध है।

व्यक्तिगत कौशल

बढ़िया कम्युनिकेशन स्किल, विश्लेषण क्षमता और सेल्स की प्रभावी रणनीति बनाने का ज्ञान अनिवार्य योग्यताएं हैं। रचनात्मक क्षमता, टीम में काम करने की योग्यता और जिम्मेदारी उठाने का हौसला भी जरूरी है।

आगे बढ़ने के मौके

किसी भी व्यावसायिक, वैज्ञानिक, तकनीकी सेवा संस्थान, तकनीकी सलाहकार फर्म, रिसर्च व डेवलपमेंट फर्म आदि में रोजगार के मौके हैं। मार्केट रिसर्चर के तौर पर राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, वेब सर्च पोर्टल में भी काम किया जा सकता है। खुद का भी काम शुरू किया जा सकता, लेकिन संसाधनों की जरूरत बहुत ज्यादा होगी। पूरी टीम के खर्चे का इंतजाम करना होगा।

आकर्षक वेतन

मार्केट रिसर्चर को अच्छा खासा पैसा मिलता है। विशेष रूप से पीजी और डॉक्टरेट डिग्री वालों को। शुरुआती वेतन 1.2 लाख रुपए से लेकर 2.5 लाख रुपए तक होता है। एमबीए उम्मीदवार सालाना 3 लाख रुपए तक भी प्राप्त कर सकता है। अनुभव और सफलता के साथ पैसा भी बढ़ता जाता है।

रिसर्च डायरेक्टर: सभी तरह के मार्केटिंग रिसर्च प्रोजेक्ट की कल्पना और क्रियान्वयन करना इन्हीं की जिम्मेदारी होती है।

प्रोजेक्ट मैनेजर: किसी प्रोजेक्ट विशेष की डिजाइन तैयार करना और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कराना इन्हीं के जिम्मे होता है।

स्टेटिसटीशियन/डाटा प्रोसेसिंग स्पेशलिस्ट: सांख्यिकीय तकनीक का उपयोग, आंकड़ों का विश्लेषण आदि इनकी जिम्मेदारी है।

सीनियर एनालिस्ट: प्रोजेक्ट के विकास में मदद करना और निर्देशित करना। अंतिम रिपोर्ट तैयार करना।

एनालिस्ट: एकत्र आंकड़ों का विश्लेषण, संपादन, प्रश्नावली को समझना आदि।

शिक्षण संस्थान

एपीजे स्कूल ऑफ मार्केटिंग,
नई दिल्ली- 110075
फोन: 011-25363979-81
वेबसाइट: apeejay.edu/asm

आरए पोद्दार इंस्टीटच्यूट ऑफ मैनेजमेंट,
जयपुर- 302004
फोन: 0141-2711349
वेबसाइट: www.rapim.org

आईआईएम, अहमदाबाद
सहित बैंगलोर, कोलकाता, लखनऊ, इंदौर
वेबसाइट: www.iimahd.ernet.in, www.iimb.ernet.in आदि।

जमनालाल बजाज इंस्टीटच्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई
फोन: 022-22024133
वेबसाइट: www.jbims.edu

एसपी जैन इंस्टीटच्यूट,
भवन्स कॉलेज, अंधेरी मुंबई
वेबसाइट: www.spjimr.org
(बिजनेस भास्कर,दिल्ली,15.10.2010)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।