नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) के स्टूडेंट्स अब संस्थान की ओर से स्पेशलाइज्ड कोर्स करने विदेश जा सकेंगे। संस्थान ने विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ स्टूडेंट्स और फैकल्टी एक्सचेंज के लिए एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) साइन किया है।
इसके तहत जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी (यूएसए), इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एयर एंड स्पेस (लिनडन यूनिवर्सिटी, नीदरलैंड), मैकगिल यूनिवर्सिटी (कनाडा) और ल्युरेंस यूनिवर्सिटी (स्विट्जरलैंड) जैसे संस्थान शामिल हैं। सालभर इन चारों विश्वविद्यालयों में एनएलआईयू के स्टूडेंट्स और फैकल्टी सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप और एडवांस कोर्सेस करने जा सकते हैं। बीए (एलएलबी) के चौथे और पांचवें वर्ष के छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर योगेंद्र श्रीवास्तव कहते हैं, एमओयू के मुताबिक स्टूडेंट्स को बौद्धिक संपदा का अधिकार, ट्रायल एडवोकेसी प्रोग्राम,लिटिगेशन प्रोग्राम,क्रिमिनल जस्टिस क्लीनिक,रिसर्च,राइटिंग एंड एडवोकेसी प्रोग्राम, एयर एंड स्पेस लॉ प्रोग्राम, कापरेरेट लॉ और टैक्स लॉ कोर्स सहित सामान्य रुचि के कोर्स भी कर सकेंगे।
ऐसे कई कोर्स हैं जो विदेशी विश्वविद्यालयों में एडवांस तरीके से पढ़ाए जा रहे हैं। इस एमओयू के मुताबिक स्टूडेंट्स और फैकल्टी को कोर्स और सेमिनार आदि की फीस खुद देनी होगी लेकिन वहां ठहरने की व्यवस्था विदेशी विश्वविद्यालय करेंगे।
प्रो.एसएस सिंह,निदेशक,एनएलआईयू(प्रीति शर्मा,भोपाल,17.10.2010)
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