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10 अक्टूबर 2010

मध्यप्रदेश सरकार स्पष्ट बताए उसे सिमरोल में आईआईटी चाहिए या नहीं

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के निदेशक डॉ.प्रदीप माथुर ने शुक्रवार को संस्थान के भवन निर्माण के संबंध में मध्यप्रदेश सरकार की कथित लेटलतीफी से तंग आकर कहा कि सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि वह यहां पर आईआईटी चाहती है या नहीं। श्री माथुर ने इन्दौर में संवाददाताओं से चर्चा में यह तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि लगभग डेढ वर्ष पहले तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने शहर के पास सिमरोल में स्थापित होने वाले आईआईटी भवन का भूमिपूजन किया था। तब लगभग 500 एकड भूमि पर आईआईटी इंदौर का भवन 2011 तक बनना तय हुआ था, लेकिन इतना समय बीतने के बावजूद हमें भूमि नहीं मिल पाई है। श्री माथुर ने बताया कि पिछले दिनों वन विभाग ने लगभग 192 एकड भूमि से हमें यह कहते हुए हटा दिया है कि यह जमीन वन विभाग की है, वहीं लगभग 60 एकड जमीन पर किसानों ने खेती कर ली है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने यहां पर किसानों को वैकल्पिक भूमि एवं पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया है। लगभग 40 एकड भूमि पर इसी तरह कब्जा जमा रखा है, जिन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है।

बात करने को ही तैयार नहीं कोई

माथुर ने कहा कि आईआईटी इंदौर प्रबंधन मामले को लेकर राज्य सरकार से बात करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कोई बात करने को तैयार नहीं है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल भी प्रदेश सरकार से बात करने का प्रयास कर रहे हैं। अभी कक्षाएं विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में लग रही हैं, लेकिन जगह कम पडने लगी हैं। जब हमने विश्वविद्यालय प्रशासन से वहां खाली पडा 2000 वर्गफीट का भवन मांगा तो उन्होंने वह भी देने से इंकार कर दिया(राज एक्सप्रेस,9.10.2010)।

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