कहते हैं कि ख्वाब वह नहीं होता, जिसे हम रात को सोते वक्त देखते हैं. ख्वाब वह होता है, जिसे पूरा करने की हसरत आपकी रातों की नींद उड़ा दे. रांची के सौरभ पोद्दार (24) ने ख्वाब भी देखा और उसे पूरा भी किया.
कंबाइंड डिफेंस सर्विस (सीडीएस) की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में वह पूरे भारत में अव्वल आया है. सौरभ ट्रेनिंग के लिए आठ अक्तूबर को ओटीए (चैन्नई) जायेंगे. 11 महीने की ट्रेनिंग के बाद वे लेफ्टिनेंट बन कर लौटेंगे.
बीआइटी मेसरा के जयपुर कैंपस से ह्यूमन रिसोर्स एंड मार्केटिंग में एमबीए का उसका रिजल्ट अभी आना बाकी है. इससे पहले वह वर्ष 2002 में संत थॉमस स्कूल से बोर्ड और डीएवी हेहल से 12वीं की परीक्षा 80 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हुआ. साइंस से 12वीं पास सौरभ ने संत जेवियर्स कॉलेज से अंगरेजी में 61 फ़ीसदी अंक के साथ स्नातक ऑनर्स किया.
एमबीए की पढ़ाई कर हाई सैलरी की नौकरी के बजाय आर्मी को क्यों चुना, उन्होंने कहा कि स्नातक के बाद इस संबंध में सोचा. यह प्रेस्टीजियस जॉब है. मैं दो साल से इसकी तैयारी कर रहा था. कॉलेज की पढ़ाई के बाद रोज आठ घंटे तक खुद पढ़ता था. फिटनेस के लिए एक घंटे तक एक्सरसाइज भी की.
सौरभ अपनी सफलता पिता बीसी पोद्दार को समर्पित करते हैं. श्री पोद्दार एचइसी में जूनियर मैनेजर (रेवेन्यू) हैं. सौरभ की माता दीपाली पोद्दार का निधन दो वर्ष पूर्व हो गया था. सौरभ की यह सफलता शायद उनके लिए सबसे बड़ी श्रद्धाजंलि है(प्रभात खबर,रांची,2.10.2010).
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