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02 अक्टूबर 2010

छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विविःबढेंगी पीजी की 66 सीटें

छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विवि में जल्द ही पीजी पाठ्यक्रमों की 66 सीटें बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए विवि प्रशासन ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। कुलसचिव वीपी सिंह ने बताया कि विवि में पांच विभाग यानी फोरेन्सिक मेडिसिन, लिम्ब सेन्टर, रेडियोडायग्नोसिस, गैस्ट्रोसर्जरी और गठिया रोग विभाग में पीजी की पढ़ाई नहीं होती थी। इन सभी विभागों में कुल 20 सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया इन दिनों पूरी की जा रही है। इनमें से तीन विभागों का एमसीआई दौरा भी कर चुकी है। वहीं दूसरी तरफ न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी और पीडियाट्रिक सर्जरी जैसे सुपर स्पेशियलिटी विभागों में एमडी व एमएस की 23 सीटें और एमसीएस में 23 सीटें यानी कुल 46 सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया में भी तेजी आई है। कुलसचिव के मुताबिक इन सीटों पर एमसीआई के अनुमोदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विवि में इस सत्र में पीजी की 53 सीटें बढ़ायी गई थीं। चिकित्सा विवि के फोरेन्सिक मेडिसिन को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की मान्यता 58 साल से नहीं मिली थी। इसी वजह से यहां पीजी की पढ़ाई तो होती थी, लेकिन मान्यता नहीं थी, हाल ही में एमसीआई ने इसे मान्यता दी है। इसी तरह रेडियोडायग्नोसिस की मान्यता दस साल से नहीं थी, हालांकि यहां पढ़ाई हो रही थी। लिम्ब सेंटर 40 साल से बना था लेकिन यहां पीजी की पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। गैस्ट्रोसर्जरी और गठिया रोग विभाग में भी पढ़ाई की व्यवस्था नहीं थी(दैनिक जागरण,लखनऊ,2.10.2010)।

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