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16 अक्टूबर 2010

विदेशों से भी निकलेंगे आईआईएम ग्रेजुएट्स

दुनियाभर में प्रबंधन कौशल के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता के लिए जाने जाने वाले भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के केंद्र अब देश ही में नहीं विदेशों में भी खुलेंगे। इसके लिए भारत सरकार की ओर से हरी झंडी मिल गई है।

मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल की अध्यक्षता में आईआईएम के विभिन्न केंदों के अध्यक्षों और निदेशकों की एक बैठक हुई, जिसमें इससे जुड़ी भावी योजनाओं व आवश्यक कदमों के बारे में चर्चा की गई। मंत्रालय की ओर से आईआईएम को मिली स्वायत्तता के तहत यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सिलसिले में कपिल सिब्बल का कहना था कि स्वायत्तता और जवाबदेही साथ-साथ चलनी चाहिए। सिब्बल ने कहा कि इन संस्थानों को न सिर्फ अपनी वाषिर्क कार्य योजना तैयार करनी चाहिए, बल्कि हर स्तर पर कार्य निष्पादन के सूचक भी तय कर लेने चाहिए। साथ ही, इन्हें पूरी तरह से जवाबदेह और पारदर्शी भी रहना चाहिए।

बैठक में तय किया गया कि आईआईएम केंदों के बोर्ड मेंबरों की संख्या घटाकर 14 कर देनी चाहिए। इसके अलावा, इसमें आईआईएम के गर्वनरों के चयन अपने लिए फंड जुटाने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। जिसमें फंड जुटाने संबंधी नीति के निर्माण व उससे जुड़े रोड शोज करने की बात भी सामने आई(नवभारत टाइम्स,दिल्ली,13.10.2010)।

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