शाला के बाहर अप्रवेशी छात्रों को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने सख्त रुख अपना लिया है। शाला के बाहर बच्चों को प्रवेश देने की रिपोर्ट प्रदेश के सभी डीपीसी से पंद्रह अक्टूबर तक मांगी है। प्रदेश भर में शाला अप्रवेशी छात्रों की संख्या 2 लाख 9 हजार 488 है। राजधानी में यह संख्या 1492 है। स्कूल खुलने के समय से अप्रवेशी बच्चों को शाला में प्रवेश दिलाने के बाद समय सीमा में जिला परियोजना समन्वयकों को राज्य शिक्षा केंद्र में रिपोर्ट प्रस्तुत करना थी। दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में शाला अप्रवेशी बच्चों का दाखिला नहीं हुआ है। दैनिक जागरण ने एक अक्टूबर के अंक में कहां गया शिक्षा का अधिकार : सवा लाख बच्चे स्कूल से दूर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में कहा गया था कि प्रदेश भर स्कूल चलें हम अभियान और राइट टू फ्री एजुकेशन जैसे नारों के बाद भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बच्चे शाला से दूर हैं। इस खबर के बाद स्कूल शिक्षा विभाग हरकत में आ गया था। जिला परियोजना समन्वयकों ने समय सीमा में राज्य शिक्षा केंद्र को अपनी रिपोर्ट भी नहीं सौंपी है। इसे देखते हुए आरएसके ने प्रदेश के सभी जिला परियोजना समन्वयकों को नोटिस जारी किया है। इसमें पंद्रह अक्टूबर तक डीपीसी को राज्य शिक्षा केंद्र में जबाव देना है(दैनिक जागरण,भोपाल,10.10.2010)।
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