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09 अक्टूबर 2010

नेतरहाट में खाली रह गयी सीटें

नेतरहाट आवासीय विद्यालय नेतरहाट में नामांकन के लिए राज्य से 100 छात्र नहीं मिले. पहली बार ऐसा हुआ कि स्कूल में सीट खाली रह जायेगी. मुख्य परीक्षा में 187 में आधे छात्रों के कागजात फर्जी पाये गये. स्कूल में वर्ष 2010-11 में कक्षा छह के लिए नामांकन परीक्षा में हुई गड़बड़ी के बाद जैक ने जब मामले की जांच कीतो 100 ओरिजिनल छात्र नहीं मिले.

काउंसिल ने पहली सूची में नामांकन के लिए चयनित 
100 छात्रों को प्रमाण पत्र जांच के लिए बुलायातो 54 छात्रों के कागजात फरजी थे. रिक्त सीटों को भरने के लिए काउंसिल ने मुख्य परीक्षा में सफल बचे हुए सभी 87 छात्रों को प्रमाण पत्र जांच के लिए बुलाया. इसमें से 49छात्र ही जांच पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए. अभी इन छात्रों के प्रमाण पत्र की जांच बाकी है. अगर पूर्व के 46 व शुक्रवार को जांच कमेटी के समक्ष उपस्थित सभी 49 छात्रों का दावा सही मान लिया जायेतो भी 95 सीट ही भरेंगी. पांच सीट खाली रह जायेंगी. सूत्रों के अनुसार 49 में से भी आधा दर्जन छात्रों के आवासीय में गड़बड़ी है.

87 
में 49 ने जमा किये प्रमाण पत्र
झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा नेतरहाट में नामांकन के लिए 
87 छात्रों की दूसरी सूची जारी की गयी थी. इसमें से मात्र 49 छात्र ही उपस्थित हुए. पूर्व में 100 में से मात्र 46 छात्रों ने ही अपने प्रमाण पत्र की जांच करायी थी. जमा प्रमाण पत्रों की जांच के बाद नामांकन के लिए अंतिम सूची जारी की जायेगी.


छात्रों को मिलती हैं सुविधाएं
स्कूल में प्रति वर्ष प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा छह में नामांकन होता है. चयनित छात्रों को कक्षा 10 तक निशुल्क शिक्षा मिलती है. आवास व खाना भी मुफ्त मिलता है. एकीकृत बिहार के समय से ही स्कूल देश के जाने-माने आवासीय विद्यालय में एक रहा है(सुनील कुमार झा,प्रभात खबर,रांची,9.10.2010).

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