पं.रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई ठप हो गई है। इस सत्र में दो महीने बाद भी प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं। दूसरे से लेकर पांचवें साल के छात्रों की स्थिति भी ऐसी ही है। इस बदहाली की वजह से कुछ सालों से यहां रिजल्ट खराब आ रहा है। प्रभावित छात्र इसके लिए कुलपति से मिलने की तैयारी में हैं।
परिनियम 28 का पालन निजी कॉलेज कितनी ईमानदारी से करते होंगे यह कहना मुश्किल है जब यूनिवर्सिटी ही इसका पालन नहीं कर रही है। बीएएलएलबी में महीनों से कक्षाएं नहीं लगी हैं। एलएलएम के शिक्षक कभी-कभार छात्रों से चर्चा कर लेते हैं। बीएएलएलबी की कक्षाएं लेने के लिए विभाग में कोई शिक्षक नहीं है। विधि विभाग में दो प्रोफेसर और एक लेक्चरर हैं जो एलएलएम की कक्षाओं में व्यस्त रहते हैं।
बीएएलएलबी के छात्रों का कहना है कि सत्र शुरू हुए दो महीने बीत गए कोई पढ़ाने नहीं आया। प्रतिदिन हम क्लास के लिए जाते हैं लेकिन क्लास नहीं होती। इस बारे में विभागाध्यक्ष से भी शिकायत की गई लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। अब कुलपति से मिलकर शिकायत करेंगे।
रविवि में पंचवर्षीय बीएएलएलबी की पढ़ाई तकरीबन 72 छात्र कर रहे हैं। विवि की उदासीनता की वजह से पिछले दो-तीन सालों से बीएएलएलबी का परिणाम संतोषजनक नहीं रहा है। रविवि प्रशासन का कहना है कि विधि विभाग से टाइम टेबल और शिक्षकों की सूची मांगी गई है।
अभी तक विधि विभाग ने इसे नहीं भेजा है। वहां से सूची आने के बाद यह मालूम हो जाएगा कि विभाग पर कितना भार है, कितने शिक्षकों की तत्काल जरूरत है। विधि विभाग में थोड़ी परेशानी है, इसे दूर करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द से जल्द शिक्षकों की कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी।
केके चंद्राकर, कुलसचिव, पं.रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी(दैनिक भास्कर,रायपुर,10.10.2010)
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