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10 अक्टूबर 2010

हिमाचलःवेतन विसंगति दूर हुई

प्रदेश के कर्मचारी वर्ग को अब वेतन विसंगतियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी कनिष्ठ कर्मचारी को अपने से वरिष्ठ कर्मचारी से ज्यादा वेतन नहीं मिलेगा। सरकार ने नई व्यवस्था की अधिसूचना भी जारी कर दी है। वित्त विभाग के हवाले से जारी इस अधिसूचना में कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी को लगता है कि उसके जूनियर को उससे ज्यादा वेतन मिल रहा है तो वह अपना आवेदन वित्त विभाग को भेज सकता है। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित आवेदन में यह भी बताना होगा कि किन सेवा नियमों के अंतर्गत वेतन विसंगति उत्पन्न हुई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार के ध्यान में इस तरह के अनेक मामले आए हैं जिनमें कर्मचारियों ने यह शिकायत की है कि उन्हें जो वेतन मिल रहा है वह अधीनस्थ कर्मचारी के वेतन से कहीं कम है। वेतन विसंगति को लेकर कुछ कर्मचारी अदालत की शरण में भी गए हैं व कर्मचारी संगठनों ने भी कई मर्तबा यह मामला सरकार से उठाया है। इसलिए अब वित्त विभाग की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, राज्य सरकार के उपक्रमों के मुखियाओं को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि उनके अधीन आने वाले संस्थान में यदि वेतन विसंगति का कोई मामला है तो उसे सेवा नियमों के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों के माध्यम से भेजा जाए ताकि वेतन विसंगति को दूर किया जा सके। अधिसूचना के अनुसार उक्त निर्देश सभी श्रेणी के कर्मचारी वर्ग के लिए लागू होंगे(दैनिक जागरण,शिमला,10.10.2010)।

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